फोटो 51 मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में मृतक के परिजन व डॉक्टर के बीच होती मारपीट में बीच बचाव
फिरोजाबाद। सरकारी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार देर रात एक 28 वर्षीय युवक की मौत पर गुस्सा स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही पर भड़का। आरोप है कि डीएम कार्यालय से सीएमओ तक फोन घुमाते रहे लेकिन मदद नहीं मिली। सविता नगर थाना उत्तर निवासी चूड़ी कारीगर मोहन उर्फ मोनू पुत्र रुक्मपाल की मौत पर जिला अस्पताल परिसर अखाड़ा बन गया। मोहन की मौत के मामले में उसके भाई योगेश ने आरोप लगाया कि जब ट्रॉमा सेंटर का स्टाफ मरीज को तड़पता छोड़ इलाज में लापरवाही बरत रहा था। तब उन्होंने मदद के लिए जिले के आलाधिकारियों के दरवाजे खटखटाए लेकिन सिर्फ नंबरों का खेल चलता रहा। योगेश के मुताबिक भाई की बिगड़ती हालत देख उन्होंने सबसे पहले डीएम कार्यालय के फोन नंबर पर संपर्क कर गुहार लगाई लेकिन वहां से कोई त्वरित मदद भेजने की जगह उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय का नंबर थमा दिया गया। सीएमओ कार्यालय में फोन मिलाया, तो वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। अफसरों ने मौके पर किसी जिम्मेदार को भेजने या मरीज को त्वरित इलाज दिलाने के बजाय वापस मेडिकल कॉलेज के ही उसी स्टाफ का नंबर देकर पल्ला झाड़ लिया। जिसकी शिकायत लेकर परिजन फोन कर रहे थे।
कई थानों की पुलिस पहुंची
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना उत्तर समेत कई थानों का भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी परिजन देर रात तक शव रखकर प्रदर्शन करते रहे। दूसरी ओर, अपने साथी के साथ हुई मारपीट से आक्रोशित डॉक्टरों ने काम बंद कर हड़ताल का एलान कर दिया। जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। देर रात तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टरों को मनाने और स्थिति को संभालने की कवायद में जुटे रहे।
फोटो 51 मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में मृतक के परिजन व डॉक्टर के बीच होती मारपीट में बीच बचाव