सहायक अध्यापद पद से हटाने के बाद शिक्षामित्र आहत हैं। भविष्य की चिंता में डूबे शिक्षामित्र दर्द से नहीं उबर सके हैं। मंगलवार को भी शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा। ब्लाक बीआरसी पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। वहीं नगर क्षेत्र में आर्य नगर यूईआरसी पर रणनीति बनाई गई।
बीआरसी दरबई पर भी सैकड़ों की संख्या में शिक्षा मित्र पहुंचे। प्रदेश आह्वान पर शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया। जिलाध्यक्ष श्रीआम यादव ने कहा कि अप्रिशिक्षित अध्यापक प्रावि में कार्य नहीं करेंगे। इसी समस्या के तहत शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजन के लिए दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी प्रशिक्षण दिलाकर सहायक अध्यापक पद पर समायोजन किया गया, जो कानूनी तौर पर जायज था। उन्होंने कहा काली पट्टी बांधकर शिक्षामित्र कार्य करेंगे। इधर, नगर क्षेत्र आर्य नगर यूईआरसी पर नागेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में मंगलवार को आंदोलन की रणनीति बनाई गई। आंदोलन में शमीम मुहम्मद, विवेक कुमार, कासिम अली, सत्यम प्रतीक, भवना जैन, पिंकी, फरहान, शालिनी, विनीता यादव, मंजुला देवी, भैया सिंघल, आदेश, हजारीलाल, साहूकार वर्मा, चंद्रपाल, सुभाष शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
शिक्षा मित्र टेंशन में हुई बेहोश
बीआरसी दबरई पर आयेाजित आंदोलन में चिंताग्रस्त एक शिक्षामित्र प्रेमवती बेहोश हो गईं। उन्हें आनन-फानन में स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। वर्तमान में प्रेमवती प्रावि रूपसपुर में तैनात है। वहीं, दखल निवासी शिक्षामित्र कुसुम भी चिंता में बेहोश हो गईं।
शिकोहाबाद में शिक्षामित्रों ने सड़क पर दिया धरना
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाए गए शिक्षामित्रों का समायोजन हाईकोर्ट द्वारा रद्द करने से शिक्षामित्रों में रोष है। शिक्षामित्रों ने नौकरी अथवा इच्छा मृत्यु दिए जाने की मांग की। मंगलवार को नगर में शिक्षामित्रों ने जुलूस निकालकर तहसील गेट के सामने धरना दिया। इस दौरान जाम लगाते हुए शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम चंद्रभानु सिंह को सौंपा।
आंदोलन के क्रम में मंगलवार को सभी शिक्षामित्र ब्लाक संसाधन केंद्र पर एकत्रित हुए। इसके बाद सभी सुभाष तिराहे पर पहुंचकर नारे लगाते दोपहर दो बजे तहसील तिराहा पहुंचे। यहां शिक्षामित्रों ने जाम लगा दिया। इसके बाद स्टेशन रोड स्थित तहसील गेट के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गये। इससे दोनों ओर से मार्ग जाम हो गया। बाद में तहसील परिसर स्थित एसडीएम कोर्ट पहुंचकर ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षामित्रों ने नौकरी अथवा इच्छा मृत्यु दिए जाने की मांग की।
शिक्षामित्रों ने मांगी इच्छा मृत्यु
काली पट्टी बांधकर निकाला जुलूस
राष्ट्रपति के नाम सौंपा एसडीएम को ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो।
टूंडला। शिक्षामित्रों को शिक्षकों के रूप में समायोजित करने पर हाईकोर्ट की रोक के बाद से शिक्षामित्रों में आक्रोश है। शिक्षामित्रों ने मंगलवार को भी बीआरसी कार्यालय पहुंचकर यहां से तहसील तक काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला। तहसील में एसडीएम को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नौकरी अथवा इच्छा मृत्यु की मांग की।
विदित हो कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद से ही शिक्षामित्रों में आक्रोश है। सोमवार के आंदोलन के बाद मंगलवार को शिक्षामित्र बीआरसी कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहां सभी शिक्षामित्र ब्लाक अध्यक्ष हरेंद्र यादव के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे। तहसील पहुंचकर शिक्षामित्राें ने एसडीएम एसपी सिंह को महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से हाईकोर्ट के निर्णय पर हस्तक्षेप कर समायोजन को बहाल करने की मांग की। साथ ही अन्यथा की स्थिति में इच्छा मृत्यु की मांग की। जुलूस और ज्ञापन देने वालों में कपूरचंद्र वर्मा, शरद उपाध्याय, राजीव कुमार, नीलेश यादव, महावीर शर्मा, नीलम, सीता, मीना उपाध्याय, अनीता शर्मा, सुनील शर्मा, सुनील चौधरी, संध्या फौजदार, रामनरेश यादव, रामदत्त शर्मा, सुल्तान सिंह, नीलम पचौरी, सनीता वर्मा, मीना यादव आदि मौजूद रहे।