मुकदमा दर्ज नहीं होने तक जारी रहेगी हड़ताल
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एसडीएम रवींद्र मादंड से अभद्रता के आरोपी अधिवक्ता एवं उसके पुत्रों को जेल भेजने के विरोध में तहसील एवं जिला न्यायालय में मंगलवार को कामकाज ठप रखा। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने वकील के चोट होने के पश्चात भी मेडिकल नहीं कराया। न्यायालय के माध्यम से अभियोग दर्ज कराने की पहल होगी।
बार एसोसिएशन के आह्वान पर जिला न्यायालय के साथ तहसीलों में कामकाज ठप रहा। हड़ताल से बैनामा नहीं होने से राजस्व की हानि व मुवक्किलों के मुकदमों के पैरवी नहीं होने के कारण बैरंग लौट रहे हैं। बार अध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में बार हाल में बैठक हुई। एसडीएम सदर रवींद्र मादंड के बारे में तहसील के वकीलों ने कुछ प्रकरणों को रखा। बार ने बोर्ड ऑफ रेवैन्यु को टिप्पणी दर्ज करने को भेजने का निर्णय लिया। बार अध्यक्ष धर्म सिंह यादव ने कहा कि डीएम की ओर से न्यायपालिका के कार्य में हस्तक्षेप किया गया है। हम इसकी प्रति बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ यूपी व शासन को भेजेेंगे। उन्होंने कहा आरोपी अधिवक्ता के भतीजे ने अभियोग अभियोग दर्ज कराने का पत्र छह जुलाई को भेजा, लेकिन डीएम ने चार जुलाई को न्यायालय को पत्र जारी किया है। इसको लेकर पीएलआई दाखिल होगी। संघर्ष समिति ने अभियोग दर्ज कराने को न्यायिक प्रक्रिया को कल से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। संघर्ष समिति के नृपति सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, विजय प्रकाश यादव, प्रभात कुमार नगीना, राजेश कुलश्रेष्ठ, वसीम उद्दीन अंसारी, तहसील बार सदर के रामवीर सिंह यादव, अशोक कुमार शर्मा तहसील शिकोहाबाद के शिव कुमार शर्मा अध्यक्ष, अशोक यादव, जसराना अध्यक्ष नील कमल यादव, बलवीर सिंह वर्मा सचिव, टूंडला के अध्यक्ष सुभाषचंद्र बघेल, रामबहादुर चक, टैक्सेशन के अध्यक्ष कुलदीप मित्तल, कमल जैन एवं राजीव अग्रवाल मौजूद रहे। बैठक में डा. देवीराम यादव, शिव प्रकाश सिंह जादौन, संजय पाठक, शीलेंद्र प्रताप सिंह, सुधीर शर्मा, रामनाथ यादव, सुधीर सिंह मौजूद थे। संचालन पंचम सिंह गुर्जर एडवोकेट ने किया।