फिरोजाबाद। पक्षियों से प्रेम करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। जिले में राज्य पक्षी सारस का कुनबा बढ़ने लगा है। एक साल में करीब 40 सदस्यों की वृद्धि दर्ज की गई है। वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। सारस का कुनबा संरक्षित करने के लिए अब वन विभाग आमजन से भी सहयोग मांग रहा है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत चिह्नित सारस के उचित देखभाल एवं जन जागरुकता के परिणाम सामने आने लगे हैं। इन पक्षियों की हर साल ग्रीष्मकाल एवं शीतकाल के दौरान गणना की जाती है। वन विभाग की ओर से इस साल ग्रीष्मकाल अप्रैल-मई में कराई गणना रिपोर्ट के मुताबिक इस समय जिले में सारसों की संख्या 272 है। जाे कि बीते शीतकाल (अक्तूबर 2023 से जनवरी 2024) में कराई गणना 232 से 40 ज्यादा है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विकास नायक के अनुसार उचित देखभाल एवं ग्रामीण अंचलों में सारस पक्षियों को अनुकूल वातावरण मिलने के कारण यह संख्या बढ़ी है। उनके संरक्षण के उपाय कारगर साबित हो रहे हैं। लोगों में भी उनके प्रति जागरुकता आ रही है।
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सौभाग्य का प्रतीक होता है सारस
अधिकांशत: गंगा व यमुना नदी के तट पर पाए जाने वाले सारस की संख्या जिले में बढ़ना एक सुखद अहसास है। देखने में अच्छे लगने वाले सारस पक्षी बेहद शांत स्वभाव के होते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सारस पक्षी को उड़ते हुए देखना काफी शुभ होता है।