जनता की प्यास बुझाने को करोड़ों रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। टूंडला 24.46 करोड़ एवं सिरसागंज 10 करोड़ की पाइप पेयजल परियोजनाओं को शासन से हरी झंडी मिली चुकी है। अब जल्द ही इन परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ होने जा रहा है।
सुहागनगरी में वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। जनपद में लगातार गिरते जलस्तर ने पेयजल संकट को और गंभीर बना दिया है। जलस्तर गिरने के कारण जलनिगम, नगर निगम द्वारा स्थापित कराए गए नलकूप, हैंडपंप शोपीस बनते जा रहे हैं। भीषण गर्मी के सीजन में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पेयजल संकट को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन, मार्ग जाम की स्थिति बन जाती है, लेकिन संसाधनों के अभाव में अफसर भी असहाय नजर आते हैं। जलनिगम द्वारा पेयजल संकट दूर करने को ठोस योजना बनाई गई है। जलनिगम अस्थायी शाखा द्वारा टूंडला में पेयजल संकट दूर करने को 24.49 करोड़ की पेयजल परियोजना बनाकर शासन भेजी गई। उक्त परियोजना को शासन ने परीक्षण के उपरांत हरी झंडी दे दी है, जिससे टूंडला में पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा। 24.49 करोड़ की धनराशि से जलनिगम द्वारा टूंडला में 22 नलकूप, तीन पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ-साथ घर-घर पानी पहुंचाने को करीब 64 किमी. पाइप लाइन बिछाई जाएगा।
सिरसागंज में पेयजल समस्या दूर करने के लिए 10 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। परियोजना के तहत सिरसागंज में नलकूप, पेयजल टंकियां, सीडीडब्लू का निर्माण कराया जाएगा। जलनिगम द्वारा प्रस्तावित पेयजल परियोजनाएं पूर्ण होने पर टूंडला व सिरसागंज में काफी हद तक पेयजल संकट दूर हो जाएगा।
अधर में लटकी शिकोहाबाद की परियोजना
जलनिगम द्वारा शिकोहाबाद में पेयजल समस्या दूर करने के लिए भी 10 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था लेकिन तकनीकी कमी के चलते यह प्रस्ताव अधर में लटक गया है। सूत्रों की मानें तो प्रस्ताव में सुधार करते हुए जल्द ही योजना को मंजूरी मिलने पूरी उम्मीद है।
मैनपुरी जलनिगम को सौंपी परियोजनाओं की जिम्मेदारी
जलनिगम अस्थायी शाखा के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में कई बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें सीवर लाइन के लिए एसटीपी निर्माण, जेड़ाझाल परियोजना, ट्रीटमेंट प्लांट सहित कई कार्य कराए जा रहे हैं। कई योजनाओं के कारण मुख्यालय द्वारा टूंडला व सिरसागंज की परियोजनाओं को पूर्ण करने की जिम्मेदारी मैनपुरी जलनिगम को सौंपी गई है। जलनिगम द्वारा कार्य प्रारंभ कराने को टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।
शहर की प्यास कर बुझाएगी सरकार
प्रदेश सरकार की नजरें शहर की जनता पर कब इनायत होंगी। टूंडला, शिकोहाबाद, सिरसागंज को भले ही करोड़ों की परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई हो लेकिन शहर में व्याप्त पेयजल संकट दूर होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। शहर की आधी आबादी आज भी पेयजल समस्या से जूझ रही है। शहर से सटी 13 ग्रामसभाओं, नई आबादी के क्षेत्रों में अधिकांश जनता प्राइवेट सबमर्सिबल पर निर्भर है तो हजारों लोग मोल पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं।
जवाब दे रहे नलकूप
शहर में पेयजल स्तर 15-20 फुट नीचे गिर गया है। जलस्तर गिरने के कारण करीब आधा सैकड़ा से अधिक नलकूप पूरी तरह जवाब दे गए। करीब आधा सैकड़ा ही नलकूप ऐसे हैं, जो हंटिंग कर चल रहे हैं। नगर निगम द्वारा इन नलकूपों से बड़ी मोटरें हटाकर छोटी मोटरें डाली गई हैं। 10 से 40 फुट तक पाइप बढ़ाए गए हैं। कई नलकूपों में केबिल तक बढ़ाई गई हैं। इसके बाद भी हालात काबू में आते नहीं दिख रहे।
शहर में स्थापित नलकूप - 155
बाहरी क्षेत्रों में स्थापित डीपबोर - 35
पेयजल टंकियां - 25
सीडब्लूआर - 14