फिरोजाबाद। सुहागनगरी में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। मंगलवार को सरकारी ट्रॉमा सेंटर के बाहर मरीज चार घंटे तक तड़पता रहा। चिकित्सकों ने ऑक्सीजन सिलिंडर खाली न होने की बात कहकर मरीज को भर्ती नहीं किया। मरीज की तबियत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने निजी एंबुलेंस से मरीज को नगला बरी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
सरकारी ट्रॉमा सेंटर पर 108 एंबुलेंस टूंडला के गांव जाजपुर से सोनपाल (50) को दोपहर चार बजे लेकर पहुंची। परिजनों ने सोनपाल को भर्ती करने के लिए कहा लेकिन चिकित्सकों ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कही। इस पर मरीज को एंबुलेंस में रखी ऑक्सीजन लगा दी गई। ऑक्सीजन सिलिंडर भी खाली होता गया।
ऑक्सीजन खत्म होने पर मरीज की हालत और बिगड़ने लगी। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को देखकर नगला बरी स्थित निजी अस्पताल में फोन किया। वहां से एंबुलेंस करीब 7.30 बजे आई। इसके बाद मरीज को नगला बरी स्थित अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
108 एंबुलेंस चार घंटे खड़ी रही, अन्य मरीज करते रहे इंतजार
सरकारी ट्रॉमा सेंटर में मरीज को भर्ती नहीं किए जाने पर 108 एंबुलेंस चार घंटे तक सरकारी ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी रही। इस दौरान अन्य मरीजों को लाने के लिए फोन भी कंट्रोल रूम से आते रहे लेकिन एंबुलेंस खाली न होने के कारण अन्य मरीजों को इंतजार भी करना पड़ा।