पंचोत्सव की रौनक बाजारों में पूरी तरह दिख रही है। झालर, खील बताशे, दिये और लक्ष्मी, गणेश समेत देवी देवताओं की प्रतिमाओं से बाजार पट चुके हैं। दीपावली 11 नवंबर को मनाई जाएगी इसलिए खरीदारी शुरू हो गई है। दुकानों पर भीड़ है। फुटपाथ पर लगी दुकानों पर भी खरीदार जुट रहे हैं।
गांधी पार्क चौराहे से लेकर सुभाष तिराहा, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, मुख्य बाजार, शास्त्री मार्केट घंटाघर आदि मुख्य बाजारों में ग्राहकों की भीड़ है। घर के सजावट के सामान की सबसे अधिक बिक्री हो रही है। रंग रोगन की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंच रहे हैं। छोटे दुकानदारों ने लकी ड्रा कूपन देने शुरू कर दिए हैं।
चमका कांच उद्योग, चाइनों के आइटमों को दी मात
फीरोजाबाद। बाजारों में मंदी के चलते कांच उद्योग ने भी कई परिवर्तन किए हैं। लेजर ग्लास वर्क्स के युवा उद्यमी हेमंत अग्रवाल बल्लू ने बताया कि चाइना के आइटमों को टक्कर देने के लिए सस्ते एवं टिकाऊ सामान की रेंज बाजार में उतारी है। उद्योग जगत ने कई परिवर्तन किए और चाइना से सस्ता माल बाजारों में उतारा इससे उनकी खपत भी बढ़ी है। कई प्रदेशों के रिटेल और शोरूम में लेजर ग्लास के प्रोडक्ट को नई पहचान मिली है। नई तकनीक के साथ ब्राडिंग भी बढ़ी। एक्सपोर्टर पवन दीक्षित ने बताया कि दीपावली पर शहर के बाहर लेटेस्ट डिजाइन की मांग ज्यादा दिखी। कांच के यूनीक आइटम बिके और मांगे गए। चूड़ी कारोबारी अनिल मैनेजर ने बताया कि इस बार चूड़ी में भी कई तरह के परिवर्तन किए हैं। चाइना के आकर्षक दिखने वाले फैंसी कंगनों को मात देने के लिए जर्किन नग के साथ कई अन्य आकर्षक वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया है। इससे शहर के बाहर चूड़ी की मांग बढ़ी है।
मिलावट पर वार के लिए ड्राई फ्रूट्स पर भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। ड्राई फ्रूट (सूखे मेवे) मिलावट पर वार के लिए असरदार, भरोसेमंद साबित हो रहे हैं। महंगी और मिलावटी मिठाई खरीदने के बकाए लोग काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता सहित सूखे मेवे की खरीद में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। यह सेहत के लिए तो फायदेमंद है ही, इसके अलावा मिलावटी खाद्य वस्तुओं से होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं। ड्राई फ्रूट्स की बिक्री में 15 से 25 प्रतिशत तक इजाफा देखा जा रहा है।
खुमानी, अंजीर व किशमिश सेहत का खजाना
किराना बाजार में बिक रही खुमानी, अंजीर व किशमिश सेहत का खजाना हैं। चिकित्सक डा. अजय अग्रवाल कहते हैं कि खुमानी व अंजीर पेट को ठीक रखती हैं। यह कब्ज व अपच में भी फायदेमंद है। वहीं किशमिश पांच दिन तक पानी में डालने के बाद पिएं व खाएं तो जोड़ों के दर्द से काफी हद तक राहत मिलती है। इससे याददाश्त भी बेहतर होती है।
मिठाई में एल्यूमिनियम का वर्क नुकसानदायक
मिठाई में एल्यूमिनियम का वर्क आमजन के लिए नुकसानदायक है। मावा में आलू, केमिकल युक्त पाउडर, मैदा, रवा, रिफाइंड, सीमा पाउडर, अरारोट के साथ रासायनिक पदार्थ मिलाते हैं। इससे बनी मिठाई स्वास्थ्य को खासा नुकसान पहुंचाती है।
ड्राई फ्रूट्स के रेट एक नजर में
बादाम - 190-525 रुपये
बादाम गिरि - 750-825 रुपये
काजू - 500-610 रुपये
किशमिश - 210-250 रुपये
अखरोट खड़ा - 790-810 रुपये
अखरोट गिरि - 1010-1030 रुपये
छुहारा - 60-250 रुपये
अंजीर - 350-430 रुपये
पिस्ता - 800-825 रुपये
खुमानी - 430-440 रुपये
मखाना - 250-410 रुपये
(नोट- दरें कारोबारियों के मुताबिक थोक में रुपये प्रतिकिलो, फुटकर में 10-15 फीसदी इजाफा संभव)
क्या, कहां से आता
काजू - गोवा, नाइजीरिया, साउथ अफ्रीका से
बादाम - अमेरिका व आस्ट्रेलिया से
छुहारा - अफगानिस्तान व पाकिस्तान से
किशमिश - नासिक व अफगानिस्तान से
अखरोट - जम्मू-कश्मीर व अफगानिस्तान से
अंजीर - इराक, अफगानिस्तान से
पिस्ता - अफगानिस्तान से
खुमानी - इराक व अफगानिस्तान से
अफगानी छुहारा की जगह पाकिस्तानी छुहारी
किराना कारोबारियों का कहना कि आज से पांच-छह साल पूर्व अफगानिस्तान से छुहारा आता था, उसकी आवक पूरी तरह बंद हो गई है। इसकी जगह पाकिस्तानी छुहारी ने ले ली है। यह अफगानी छुहारा की अपेक्षाकृत सस्ता है। हालांकि रंग व वजन में तकरीबन एक जैसा है। इसका फायदा कारोबारी उठाते हैं और छुहारा के नाम पर धड़ल्ले से इसकी बिक्री कर रहे हैं।
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है मामरा गिरि
अमेरिका में तेल निकालने के बाद भारत भेजी जाने वाली बादाम गिरि सेहत के लिए खास फायदेमंद नहीं है। इसके लिए अफगानिस्तान से आने वाली मामरा गिरि अधिक असरदार है। बाजार में इसकी बिक्री 3,200 रुपये प्रतिकिलो तक है। कारोबारी कहते हैं, इसमें खूबियां ही खूबियां हैं।
मेवा की आवक विदेशों से है। इसलिए थोड़ी महंगी जरूर है, लेकिन मिठाइयों से कहीं अधिक फायदेमंद है। वर्तमान में ड्राई फ्रूट्स की बिक्री बाजार में बढ़ रही है।
पंकज गुप्ता, किराना कारोबारी
बाजार में बिकने वाली मिठाई मिलावटी खाद्य पदार्थों से बनाई जा रही हैं। मेवा में हानिकारक तत्वों की मिलावट नहीं हो सकती है। इसमें मिलावट को पहचानना आसान है। ड्राई फू्ट्स सेहत के लिए बेहतर हैं।
आलोक मित्तल, किराना कारोबारी
मेवा में मिलावट की संभावनाएं न के बराबर हैं। इन दिनों ड्राई फ्रूट्स का चलन भी तेजी से बढ़ा है। इसका असर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है
सुभाषचंद्र जैन, किराना कारोबारी