प्रधान संघ बर्दाश्त नहीं करेगा प्रधानों का शोषण
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प्रधान संघ फीरोजाबाद की बैठक में प्रधानों के शोषण एवं अधिकारों पर मंथन किया गया। संघ ने प्रधानों को 15 हजार मानदेय दिए जाने एवं पंचायत सचिव के सप्ताह में दो दिन गांव में बैठने तथा राशन विक्रेताओं का वितरण प्रमाणपत्र देने का अधिकार प्रधानों को दिए जाने की मांग की।
प्रधान संघ के जिला महामंत्री रामनिवास यादव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रधानों का शोषण एवं उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए चाहे जितना ही संघर्ष क्यों न करना पड़े। प्रधानों के हक एवं अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। संघ के ब्लाक महामंत्री मनोज यादव ने 15 हजार रुपया प्रतिमाह मानदेय किए जाने, पंचायतों की परिसंपत्तियों के रख-रखाव में पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा प्रधानों का सहयोग करना चाहिए। अपनी पंचायतों में आवास विहीन लोगों को एक दो आवास बनाने का अधिकार दिए जाने की मांग रखी। पेयजल टंकियों को सुचारु करने के साथ राशन कार्ड सत्यापन की समय सीमा बढ़ाई जाए। संघ के मीडिया प्रभारी रामवीर दिवाकर ने कहा कि पंचायत सचिवों को सप्ताह में दो दिन ग्राम पंचायत में बैठना चाहिए, राशन विक्रेताओं के वितरण प्रमाणपत्र प्रधानों से लेना अनिवार्य किया जाए। ग्राम शिक्षा निधि के खाते का संचालन प्रधान से कराया जाए। अध्यक्षता ब्लाक इकाई अध्यक्ष नेम सिंह यादव ने की। उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, कोषाध्यक्ष रामब्रेश, सचिव सर्वेश कुमार बघेल, डीपी यादव, विक्रम सिंह ने सचिवों की ओर से प्रधानों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की निंदा की। इस दौरान जितेंद्र कुमार, तुलाराम, रामवीर, महेंद्र पाल, पूनम राजौरिया, सरोज देवी, कुबेर सिंह, इला देवी, शीलेंद्र कुमार, टीकम सिंह, कमलेश देवी, मदन सिंह, शैलेंद्र शर्मा, सीमा देवी, रामजीलाल, राधेश्याम व अजित आदि शामिल थे।