गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं लेकिन फायर स्टेशन पर टैंक भरने के लिए बना नलकूप खराब पड़ा है। नलकूप की मरम्मत का काम शुरू हो गया है लेकिन ऐसे में गंभीर हादसा होने पर काफी परेशानी होगी। वहीं विभाग के पास चार गाड़ियां चालू हालत में है तो दो कंडम।
शहर की करीब साढे़ सात लाख की आबादी के साथ ही लाइनपार, मटसेना, बसई मोहम्मदपुर, मक्खनपुर के साथ नारखी और टूंडला के आंशिक हिस्सों में होने वाले अग्निकांडों की सूचना पर स्थानीय फायर ब्रिगेड के कर्मचारी गाड़ियों को लेकर पहुंचते है। इसके बाद भी गर्मी में फायर विभाग के पास आग बुझाने के लिए पानी का पर्याप्त साधन नहीं है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो शहर क्षेत्र में एक भी हाईड्रेंट प्वांइट नहीं है। विभाग के पास करीब दो लाख लीटर पानी की स्टॉक रहता है। वहीं फायर स्टेशन पर बने टैंक में एक लाख लीटर पानी का स्टॉक रहता है लेकिन दो दिन से फायर स्टेशन का नलकूप खराब है। इसे ठीक करने लिए मंगलवार को टीम लगी थी। नलकूप ठीक होने में एक-दो दिन का समय और लग सकता है। ऐसे में यदि भीषण हादसा होता है तो पानी का जो स्टाक है वह तो हाल खप जाएगा। शहरी क्षेत्र में चार स्थानों पर ओवरहेड टैंक की व्यवस्था है लेकिन शहर से सटे इलाके फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में होने वाले पानी के स्टाक पर ही निर्भर हैं।
नगर निगम लगवाएगा 25 नलकूपों में फायर प्वाइंट
फायर ब्रिगेड विभाग में पानी का संकट दूर करने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के 25 नलकूपों में प्वाइंट की लगवाने की व्यवस्था करेगा, जिससे भीषण हादसे के दौरान विभाग को पानी के संकट का सामना नहीं करना पड़े।
ओवरहेड टैंक बने तो होगा समस्या का निदान
विभागीय अधिकारियों की मानें तो नलकूपों पर बनने वाले प्वाइंट के साथ शहरी क्षेत्रों के साथ देहात और कस्बों में भी ओवरहेड टैंक बनवा दिए जाए तो समस्या का निदान होने के साथ ही भीषण हादसों पर जल्द काबू पाया जा सकेगा। ओवरहेड टैंक के माध्यम से जहां गाड़ी को पांच से दस मिनट में भर लिया जाता है, वहीं फैलेंच प्वाइंट के माध्यम से करीब 15 से बीस मिनट का समय लगता है। बिजली न होने पर यह कार्य भी नहीं करते है। वहीं ओवरहेड टैैंक के लिए बिजली का भी इंतजार नहीं करना होता। वाल्व खोलते ही पानी की आपूर्ति मिलना शुरू हो जाती है।
इन स्थानों पर है ओवरहेड टैंक
औद्योगिक क्षेत्र नगला भाऊ, लाइनपार की लेबर कालोनी, उत्तर के रेहना, रामलीला चौराहे के समीप।
विभाग के पास संसाधन
दो बड़ी गाड़ी पानी की क्षमता नौ हजार लीटर
दो छोटी गाड़ी पानी की क्षमता पांच हजार लीटर
प्रेशर गाड़ी पानी की क्षमता चार सौ लीटर
पानी की समस्या दूर करने के लिए जल निगम के साथ नगर निगम, नगर पालिका अध्यक्षों के साथ उच्च अधिकारियों को भी पत्र लिखे गए है। लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं किया गया है।
मंगेश कुमार, सीएफओ, फिरोजाबाद