मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन।
फिरोजाबाद। मौसम में बदलाव के साथ ही लोग बीमारियों की गिरफ्त में आने लगे हैं। वायरल के साथ ही उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। गर्मी में तेजी आने के साथ ही मरीजों की संख्या का ग्राफ भी बढ़ा है। चिकित्सक के अनुसार, बदलता मौसम सेहत के लिए खतरनाक रहता है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 1,200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें एक चौथाई बुखार और डायरिया के मरीज हैं। अस्पताल के अधिकतर वार्ड में भर्ती मरीजोंं की संख्या बढ़ी है। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव के बाद वायरल और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ी है। रमजान शुरू हो चुके हैं। कुछ लोग रोजा रखने के बाद तली-भुनी चीजों से इफ्तार करते हैं। इस कारण भी पेट में परेशानी होती है। इसके अलावा रखा हुआ और बासी खाना खाने से भी पेट खराब हो जाता है। तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में फ्रिज में रखा एक दो दिन पुराना खाना भी बीमारी पैदा करता है। बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि ताजा भोजन खाएं।
शरीर में हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी, अधिक पानी पिएं
डॉ. डीके गुप्ता का कहना है कि उल्टी दस्त लगने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएल (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- केला, चावल, सेब जैसे हल्के खाद्य पदार्थ लें।
- दस्त में दही और केला खाएं।
- बुखार और उल्टी-दस्त की बीमारी में पर्याप्त आराम करें।
- खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।