फिरोजाबाद। भारतीय सेना अब दुश्मनों को उनके घर में मारेगी, लेकिन दुश्मन देश के रडार भी भारत के रणनीतिक क्षेत्रों में तैनात हथियारों का पता नहीं लगा सकेंगे। आयुध निर्माणी हजरतपुर फिरोजाबाद ने अभी तक विदेशों से आयात होने वाले कैमोफ्लाज नेट को अब देश में ही बनाना शुरू कर दिया है। फिरोजाबाद स्थित आयुध उपस्कर निर्माणी हजरतपुर को मल्टी स्पेक्ट्रल कैमोफ्लाज नेट बनाने के लिए वायुसेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने 50 करोड़ का ऑर्डर दिया है।
आयुध उपस्कर निर्माणी हजरतपुर के महाप्रबंधक अमित सिंह ने बताया कि आयुध उपस्कर निर्माणी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। यह स्पेक्ट्रल कैमोफ्लाज नेट खासतौर पर जंगल, रेगिस्तान, पहाड़ों पर कारगर रहेगा। यह नेट खुद को उसी रंग में परिवर्तित कर लेगा, जिससे दुश्मन के कैमरे भी भांप नहीं सकेंगे कि इस नेट के नीचे आखिर क्या छिपा है। महाप्रबंधक ने बताया कि इस नेट में विशेष कोटिंग होती है। जबकि अभी तक मैटेलिक या नेट फ्रैबिक का इस्तेमाल होता है। यह उतना कारगर नहीं होता था। संवाद
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यह होगी खासियत
आयुध उपस्कर निर्माणी के डिप्टी डायरेक्टर ओमवीर तोमर ने बताया कि इस स्पेक्ट्रल कैमोफ्लाज नेट पूरी तह नाइट विजन कैमरा से भी प्रोटेक्ट करेगा। इसमें एक विशेष तरह की कोटिंग होगी। जो थर्मल वेब और तरंगों को रोकेगी।
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मित्र देशों को होगी सप्लाई
ओमवीर तोमर ने बताया कि भारतीय सेना के लिए नेट बनाने के साथ-साथ कई अन्य मित्र देश से भी बात चल रही है। पहले दौर की बात भी हो चुकी है। जल्द ही उन देशों से भी बड़े ऑर्डर मिलने की हजरतपुर को उम्मीद है। अगर विदेशी मित्र देशों से ऑर्डर मिलता है तो जिले के सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी हजरतपुर दे सकेगी।