पालीथिन पर रोक लगाने को नगर निगम प्रशासन ने 21 जनवरी तक अल्टीमेटम जारी कर दिया है। व्यापारियों को चेतावनी दी गई है पालीथिन के स्टाक को जल्द से जल्द खत्म करें। कोई व्यापारी नया स्टाक नहीं मंगाएगा। यदि 21 जनवरी के बाद किसी व्यापारी के यहां पालीथिन पाई गई तो उसे जब्त कर होली जलाई जाएगी।
हाईकोर्ट एवं केबिनेट की बैठक में पालीथिन पर पूर्णतया बैन लगाने के आदेश के बाद भी जिला एवं नगर निगम प्रशासन ने पालीथिन पर प्रतिबंध नहीं लगाया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रकाशित किया तो विभाग नींद से जागा। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में नगर निगम में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ पालीथिन थोक विक्रेताओं की बैठक हुई। नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने कहा कि हाईकोर्ट एवं शासन के निर्देश के अनुसार पालीथिन पर पूर्णतया रोक लगानी होगी। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर को साफ-सुथरा, प्रदूषण मुक्त बनाने को पालीथिन का प्रयोग बंद करना होगा। लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। व्यापारी पालीथिन के स्थान पर कपड़े के कैरी बैग का प्रयोग करने के लिए सभी को प्रोत्साहित करें। सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह ने कहा कि 21 जनवरी के बाद बाजार में पालीथिन की बिक्री होते मिली तो उसे जब्त कर होली जलवाई जाएगी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि 21 जनवरी से पहले कोई अधिकारी बाजार में छापामारी या चालान काटने जैसी कार्रवाई नहीं करेगा। व्यापार मंडल पालीथिन प्रयोग बंद करने में पूर्णतया सहयोग करेगा। रविंद्रलाल तिवारी, बीएस गुप्ता, सुनील अग्रवाल, आसिम खान, अमित गुप्ता, महेश पूरन, रीतेश अग्रवाल, संजय मित्तल, वैंकट मुरवारिया, प्रदीप कुमार सहित अन्य व्यापारी मौजूद थे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ बैठक आठ को
नगर निगम में बुलाई गई बैठक में अधिकांश व्यापारियों का एक ही प्रश्न था कि किस तरह के पालीथिन अथवा कैरी बैग का प्रयोग करना है, इस बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के साथ आठ जनवरी को अपराह्न दो बजे बैठक बुलाई है, जिसमें पालीथिन के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाएगी।