रिपोर्ट दर्ज नहीं होने के विरोध में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया।
लूट के शिकार अधिवक्ता की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के विरोध में शुक्रवार को न्यायालय में कामकाज ठप रखा गया। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं के विरोध की जानकारी होते ही पुलिस सक्रिय हो गई। इधर, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण लोगों को खासी परेशानी हुई।
थाना मटसेना क्षेत्र के गांव रानीपुरा निवासी अधिवक्ता प्रदीप यादव के साथ गुरुवार शाम लूट हो गई थी। अधिवक्ता ने थाना पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस के रवैये के विरोध में शुक्रवार सुबह अधिवक्ताओं ने न्यायालय पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी और कामबंद हड़ताल का निर्णय लिया। इधर, बार एसोसिएशन अध्यक्ष धर्म सिंह हयादव एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ लूटपाट की घटना होने के बाद भी पुलिस अभियोग दर्ज नहीं कर रही है। पुलिस और प्रशासन का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार महासचिव पंचम सिंह गुर्जर एडवोकेट ने कहा कि पुलिस ने अभियोग दर्ज नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा। विरोध करने वालों में प्रभात कुमार नगीना, सुधीर यादव, प्रदीप यादव, रमेशचंद्र, जाहर सिंह, यतीश यादव, राजेश कुलश्रेष्ठ, संजीव पालीवाल, रोहित पारस, सुरेश साहू, केके राजपूत, संजय पाठक, शीलेंद्र प्रताप सिंह, रवि अग्रवाल, कौशल बाबू राठौर, उमेश ओझा, रतन सिंह, अंशुमान चतुर्वेदी आदि शामिल रहे।