फिरोजाबाद। साइबर ठगों ने इन दिनों टेलीग्राम को ठगी का नया हथियार बना लिया है। डिजिटल मार्केटिंग करने वालों को खासतौर से निशाना बनाया जा रहा है। ज्यादातर मामलों में इनसे ठगी की रकम भी 10 लाख रुपये के आसपास है। पहले मुनाफा देकर या दिखाकर उन्हें झांसे में लिया जाता है और फिर शातिर इन्हें शिकार बना लेते हैं। जिले में करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों से ठगी हो चुके हैं।
थाना उत्तर क्षेत्र में साइबर ठगों ने टेलीग्राम के जरिए टास्क देकर महिला से करीब ढाई लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मोहल्ला हनुमान गंज निवासी अनुराज जैन ने एसएसपी से शिकायत करते हुए बताया कि पत्नी की टेलीग्राम अकाउंट पर ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए अधिक पैसे कमाने का लिंक आया। पत्नी ने लिंक के जरिए ट्रेडिंग शुरू कर दी। ठगों ने लालच देकर अलग-अलग खातों में पैसा ट्रांसफर कराया गया। 30 अगस्त से शुरू हुआ पैसे भेजे जाने का सिलसिला 1 सितंबर तक चला। इस बीच करीब ढाई लाख रुपये की ठगी की गई है। अब उस नंबर पर संपर्क किया गया तो कोई फोन नहीं उठाता। थाना पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बैंक मैनेजर को लगाया दो लाख का चूना
थाना उत्तर क्षेत्र के सहायक प्रबंधक ने विदेशी ठग ने व्हाट्सएप के जरिए एप डाउनलोड कराकर दो लाख रुपये की ठगी की गई है। मोहल्ला जैन नगर निवासी अमित शर्मा ने बताया कि 20 अप्रैल को उनके मोबाइल के व्हाट्सएप पर किसी ने संदेश भेज कर वजीर एक्स एप डाउनलोड कराया। संदेश भेजने वाले का कहना था कि वह क्रिप्टो करेंसी खरीद कर अपने रुपये की बचत करें। ठग ने उन्हें टेलीग्राम एप्लीकेशन के कुछ ग्रुपों में भी जोड़ दिया। इसके बाद उसने उनके मोबाइल पर लिंक भेजा। उसमें अमित ने अपना यूजर आईडी और पासवर्ड बना लिया। उसके बाद कुछ मुनाफा होने के बाद ठगों नें उनसे अलग-अलग खातों में करीब दो लाख रुपये ट्रांसफर कराए।
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-विदेशी महिला ने दोस्ती कर ठगे आठ लाख
थाना मक्खनपुर क्षेत्र में टेलीग्राम पर विदेशी महिला ने दोस्ती करके 8 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। डिजिटल करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर यह ठगी की गई। गांव हिम्मतपुर निवासी काजोल शर्मा ने बताया कि 16 नवंबर 2022 को टेलीग्राम पर विदेशी व्यक्ति से ऑनलाइन बिटकॉइन ट्रेडिंग को लेकर बात हुई। थी। उसने शुरू में 30 हजार रुपये गूगल पे के जरिए अपने बैंक खाते में डलवा लिए। इसके बाद उसने उन्हें 6 लाख रुपये मुनाफा होने की बात बताते हुए आधा घंटे में उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करने की बात कहते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें डेढ़ लाख रुपये का शुल्क बतौर ट्रांसफर चार्ज उसके खाते में जमा करना होगा। उन्होंने यह राशि जमा करा दीं। इसके बाद उसने 1.80 लाख रुपये एक एप के जरिए प्रोफाइल प्रमाणीकरण के लिए मांगे। कुछ और रुपये भी उसने जमा करा लिए। कुल मिला कर विदेशी ने 8.20 लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए। अब कोई संपर्क नहीं हो पा रहा।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर की गई ठगी के मामलों में जांच चल रही है। लोगों को रुपये जमा करने से पहले अपने मिलने वालों से राय लेनी चाहिए। साइबर ठग मुनाफे का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं।
-नितिन कसाना, प्रभारी साइबर सेल