फिरोजाबाद। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ‘टीबी हारेगा-देश जीतेगा’ अभियान शनिवार से शुरू हो गया। इसके तहत घर-घर टीबी के नए मरीजों की खोज की जाएगी। यह अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहले दिन जिला कारागार में बंदियों की स्क्रीनिंग की गई। टीबी के सक्रिय केस अर्थात एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान 25 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत कोरोना की जांच, टीबी के साथ-साथ मधुमेह एवं एचआईवी की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
अभियान के तहत घर-घर जाकर आमजन को टीबी के लक्षणों के बारे में बताया जाएगा। यदि किसी को दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी होगी तो उसकी टीबी की जांच कराई जाएगी। टीबी के नए मरीज को 500 रुपये प्रति माह सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी। यह 500 रुपये पोषणयुक्त भोजन के लिए दिया जाएगा। नए मरीज की छह माह तक दवा चलेगी।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
प्रथम चरण : 26 दिसम्बर से 01 जनवरी तक अनाथालय, वृद्धाश्रम, बाल संरक्षण गृह, नवोदय विद्यालय, जिला कारागार में स्क्रीनिंग होगी।
दूसरा चरण : 02 जनवरी 12 जनवरी तक जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की मलिन बस्तियों, घनी आबादी एवं हाई रिस्क क्षेत्र में क्षय रोगियों की जांच की जाएगी। तीसरा चरण : 13 जनवरी से 25 जनवरी तक जिले के सभी पंजीकृत निजी चिकित्सकों, मेडिकल स्टोर संचालकों से सीधे संपर्क किया जाएगा।
टीबी के लक्षण
किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा की खांसी
खांसते समय बलगम के साथ खून का आना
सीने में दर्द और 15 दिन से लगातार बुखार
लगातार वजन कम होने की शिकायत
ऐसे लोग तत्काल कराएं बलगम की जांच
जिले में एक माह तक तीन चरणों में अभियान चलेगा। इसकी शुरूआत शनिवार से हो गई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक टीबी रोगियों की खोज करना है। - डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ