संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। दिवाली के मौके पर मिठाई बाजार सज गया है, लेकिन मिलावट का खतरा भी बढ़ गया है। 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक लिए गए 72 मिठाई नमूनों में से 31 फेल और 5 में खतरनाक रंग व अखाद्य पदार्थों की मिलावट पाई गई। सहायक आयुक्त चंदन पांडेय ने बताया कि अधिक मुनाफे के चक्कर में दुकानदार दूध की जगह मैदा और केमिकल का उपयोग कर रहे हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा है।
जिले में फतेहाबाद और धौलपुर से सस्ता नकली खोआ मंगवाया जा रहा है, जिसे बड़े पैमाने पर मिठाइयों में मिलाया जाता है। बड़े दुकानदार रोडवेज बसों के जरिए खोआ मंगवाते हैं, जो त्योहारी सीजन में तेजी से खप जाता है। छोटे दुकानदार खुद मिठाई बनाते हैं और बाजार पर कम निर्भर रहते हैं।
मिठाई पर तिथि प्रदर्शन नियम की अनदेखी
चार साल पहले शासन ने मिठाई पर निर्माण और बिक्री योग्यता की तिथि प्रदर्शित करने का नियम बनाया था, लेकिन यह कागजों तक सीमित है। अधिकांश दुकानदार इस नियम का पालन नहीं करते, जिससे ग्राहकों को मिठाई की गुणवत्ता की जानकारी नहीं मिलती।
विभाग की कार्रवाई और सलाह
अप्रैल 2023 से सितंबर 2025 तक 862 नमूने लिए गए, जिनमें 262 फेल हुए और 216 मामलों में केस दर्ज किए गए। सिल्वर कोटेड और रस वाली मिठाइयों में मिलावट की ज्यादा आशंका है। विभाग अभियान चलाकर दोषी दुकानदारों पर कार्रवाई कर रहा है। ग्राहकों को सलाह दी गई कि मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतें और गुणवत्ता की जांच करें।