करवाचौथ के नजदीक आते ही चूड़ियों की मांग बढ़ गई है
करवाचौथ पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक सुहागिनों की कलाई पर फीरोजाबाद की लाल चूड़ियां खनकेंगी। देश के विभिन्न राज्यों में सुहागनगरी से चूड़ियां बिक्री के लिए गई हैं। बाजार में इस बार आकर्षक गिफ्ट पैक उतारे गए हैं। कांच की चूड़ियों के साथ आकर्षक कड़ों की बंपर डिमांड है। इस बार करवाचौथ पर चूड़ी का बाजार पचास करोड़ का आंकड़ा पार कर गया।
19 अक्तूबर को पूरे देश में करवाचौथ पर्व मनाया जाएगा। अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए महिलाएं व्रत रखने के साथ सोलह शृंगार भी करती हैं। इस शृंगार में फीरोजाबाद की लाल चूड़ी भी शामिल होगी। यहां से लाल चूड़ियां देश के लगभग सभी राज्यों में गई हैं। नवरात्र पर पश्चिम बंगाल में चूड़ियों की बंपर मांग रही। दशहरा में बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात सहित देश के कई राज्यों में सुहाग नगरी की चूड़ियों की बंपर सेल हुई। अब करवाचौथ और दीपावली पर सुहाग नगरी की कांच चूड़ियां सुहागिनों की कलाई की शोभा बनेंगी।
चूड़ी निर्माता इकाई के संचालक रवींद्र गर्ग ने कहा कि रक्षाबंधन से दीपावली तक चूड़ी बजार उठान पर रहता है। करवाचौथ पर देश के हर राज्य में लाल चूड़ी की मांग होती है। अधिकांश कारखानों में इन दिनों में लाल चूड़ी अधिक बनाई जाती है। चूड़ी व्यापारी अनुराग गर्ग का कहना है कि करवाचौथ पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से लाल चूड़ी की मांग सबसे अधिक है। महीनों पहले से ही आर्डर बुक करा दिए जाते हैं।
करवाचौथ पर बिक जाते हैं पचास लाख से अधिक तोड़े
कारखानों से सादा चूड़ी (कच्चा माल) के पचास लाख से अधिक चूड़ी के तोड़े खप जाते हैं। लगभग 150 कारखानों में चूड़ी बनती है। एक तोड़े में 12 दर्जन चूड़ियां होती हैं और यहां एक दर्जन 24 चूड़ी का होता है। सादा चूड़ी पर डिजाइन आदि कर गिफ्ट पैक तैयार किए गए हैं। इन गिफ्ट पैकों की कीमत डेढ़ सौ रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक है। करव चौथ पर चूड़ी का कारोबार पचास करोड़ के अधिक हो जाता है।
जरकिन नग लगे चूड़ी के सेटों की डिमांड अधिक
चूड़ी के थोक विक्रेता नीरज जैन बताते हैं कि इस बार बाजार में जरकिन और नग लगी लाल चूड़ी के सेट की मांग अधिक है। कांच के कड़े और लाल चूड़ी मिला कर तैयार किए गए गिफ्ट पैक काफी बिक रहे हैं।