ट्रामा सेंटर में उपचार कराती नगला छिद्दा निवासी महिला ममता देवी
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फिरोजाबाद/टूंडला। थाना नगला सिंघी के ठार छिद्दा (ऐलई) निवासी महिला ने बुधवार को अपने दो बेटों का गला दबाने के बाद खुद फांसी के फंदे पर लटक गई। इसी बीच उसका पति आ गया और हंसिए से साड़ी को काटकर उसे बचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला और उसके अचेत दोनों बेटों को सरकारी ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराया है। पति का आरोप है पत्नी मोबाइल फोन पर हमेशा किसी दूसरे से बात करती है। इसका विरोध करने के कारण उसने ऐसा कदम उठाया है।
ठार छिद्दा (ऐलई) निवासी शिवशंकर ने बताया कि बुधवार को सुबह दस बजे वह फसल की सिंचाई करने के लिए नलकूप पर गया था। साढे़ दस बजे लौटकर घर आया तो देखा कि उसके दोनों बेटे हर्षित सागर (पांच), लक्की सागर (चार) अचेत पड़े हैं, जबकि पत्नी ममता देवी (32) फांसी के फंदे पर लटक रही थी। इस पर उसने तत्काल हंसिए से फंदे (साड़ी) को काटकर उसे बचा लिया। इसके बाद उसने तुरंत ही इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में महिला ने अपने सिर को दीवार से मारकर जख्मी कर लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने तीनों को सरकारी ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराया। ट्रामा सेंटर में डॉ.राहुल जैन ने कहा कि दोनों बच्चों के गले में किसी चीज से दबाने के निशान हैं। आशंका है कि इनके साड़ी से गला दबाने की कोशिश की गई है। उधर, शिवशंकर का कहना है कि दो दिन पूर्व भी पत्नी ने घर के कमरे में पेट्रोल छिड़कने के साथ रसोई गैस सिलिंडर को खोल दिया था। जानकारी होने के बाद उसे बचाया था। उसकी शादी छह वर्ष पूर्व हुई थी। उसको दो बेटा है। पत्नी आए दिन झगड़ा करने के कारण उसकी भाभी रीना पत्नी हरी शंकर एवं मां भगवान देवी उससे अलग रहती हैं।
कोट
थाना नगला सिंघी के ठार छिद्दा में महिला ने अपने दो बच्चों का गला दबाने की कोशिश के साथ खुद फांसी के फंदे पर लटकने का मामला संज्ञान में आया है। वह मानसिक रूप से परेशान बताई गई है। तीनों का उपचार ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। तीनों खतरे से बाहर हैं। -मुकेशचंद्र मिश्र, एसपी सिटी