फिरोजाबाद। शिकोहाबाद थाने में तैनात दरोगा सौरभ गौतम (निवासी बुलंदशहर) एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के दूसरे दिन शुक्रवार को भी पकड़ में नहीं आ सका। वहीं, टीम ने पकड़े गए दरोगा के निजी सहायक नितिश बैजल निवासी कटरा मोहल्ला, शिकोहाबाद को आगरा स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस प्रकरण में बृहस्पतिवार देर रात थाना उत्तर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुरुग्राम (हरियाणा) निवासी शिकायतकर्ता गौरव कश्यप और उनके परिजन के खिलाफ उनकी पत्नी साधना ने अक्टूबर 2025 में शिकोहाबाद थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी जांच दरोगा सौरभ गौतम कर रहा था। 16 जून 2026 को दरोगा ने गौरव के घर पहुंचकर धमकी दी कि यदि एक लाख रुपये नहीं दिए, तो वह पूरे परिवार के खिलाफ चार्जशीट लगा देगा। 30 जून को फिरोजाबाद कोर्ट परिसर में हुई मुलाकात के दौरान मिन्नतें करने पर दरोगा 50 हजार रुपये में परिजनों के नाम बाहर करने पर राजी हो गया। रिश्वत देने के बजाय गौरव ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन आगरा इकाई से कर दी। 1 जुलाई को इंस्पेक्टर संजय राय की गोपनीय जांच में शिकायत सही पाई गई। 2 जुलाई को रिश्वत की रकम देने के दौरान दरोगा और एंटी करप्शन टीम के बीच दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक शह-मात का खेल चला। दरोगा ने शातिर तरीके से पहले गौरव को दोपहर 12:07 बजे जैन मंदिर बुलाया, फिर 1:23 बजे कोर्ट परिसर आने को कहा। दोपहर 3:08 बजे व्यस्तता का बहाना बनाने के बाद आखिरकार शाम 3:40 बजे उसने पैंतरा बदला और गौरव को पुलिस लाइन से आगे विजयपुरा तिराहे (मटसेना रोड) पर पहुंचने को कहा। दरोगा खुद सामने न आकर कचहरी गेट से अपने निजी सहायक नितिश बैजल को अपनी अपाचे बाइक देकर पैसे लेने भेज दिया। विजयपुरा तिराहे पर जैसे ही नितिश ने केमिकल लगे 50 हजार रुपये हाथ में थामे, प्रभारी निरीक्षक कल्पना गौतम के नेतृत्व में मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। भनक लगते ही दरोगा मौके से भाग निकला। पूछताछ में नितिश ने कुबूल किया कि वह दरोगा के कहने पर ही पैसों के लेन-देन और उगाही का काम संभालता था। पुलिस ने मौके से दरोगा की अपाचे बाइक बरामद कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।