फिरोजाबाद। थाना दक्षिण क्षेत्र के गांव बासठ में बंदरों के कारण मासूम काव्या की मौत से उपजे आक्रोश के बाद बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद हरकत में आए नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान तो शुरू किया, लेकिन यह महज एक दिन तक ही सीमित रहा। शुक्रवार को निगम की टीम गांव नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
गांव बासठ में बुधवार देररात बंदरों के कारण मासूम काव्या की मौत के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। घटना के विरोध में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगाकर नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। प्रदर्शन के बाद नगर निगम की टीम गांव पहुंची और बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू किया। हालांकि यह अभियान केवल एक दिन तक ही चल सका। शुक्रवार को नगर निगम की टीम गांव बासठ नहीं पहुंची। टीम के नहीं आने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि जब तक गांव से बंदरों का आतंक पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक अभियान लगातार चलाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दिन की कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होने वाला। गांव में अब भी बंदरों का झुंड खुलेआम घूम रहा है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में डर बना हुआ है। टीम के दूसरे दिन नहीं पहुंचने पर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अभियान को नियमित रूप से चलाने की मांग की है।