फिरोजाबाद के सिरसागंज निवासी एमबीबीएस छात्र शशांक धाकरे यूक्रेन से लौट आए हैं। छात्र के वापस आने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। वहां के हालात जानने के लिए लोग छात्र के घर पहुंचे। सिरसागंज के इटावा रोड निवासी शशांक धाकरे पुत्र श्याम मनोहर धाकरे यूक्रेन के शहर एडिशा में नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। कोर्स को पूरा करने को वह पिछले छह साल से यूक्रेन में है। पिछले कई दिनों से यूक्रेन और रूस के बीच तनातनी का माहौल बना होने के कारण छात्र के परिजन परेशान थे।
यूक्रेन से लौटे शशांक ने बताया कि वहां हजारों छात्र हैं जो वहां से नहीं निकल सके हैं। शशांक ने बताया कि जबसे युद्ध के हालात पैदा हुए है तब से वहां पर काफी डर का माहौल है। हम भी डरे हुए थे। घर आने पर डर खत्म हुआ है। शशांक ने बताया कि भारत सरकार को छात्रों को एयरलिफ्ट करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। शशांक जब तक घर सकुशल नहीं लौटा तब तक उसके परिजन भी भगवान से उसके सही सलामत वापस आने की दुआ कर रहे थे।
खाने से लेकर एयर टिकट तक हो गया है मंहगा
शशांक ने बताया कि जब वहां युद्ध के हालात बने तो खानेपीने के सामान पर मंहगाई बढ़ गई। स्टोर पर सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रहती है। यही नही जो एयर टिकट वह आम तौर पर 25 हजार का लेकर अपने घर लौटता था इस बार वह टिकट 53 हजार में लेना पड़ा। शशांक ने बताया कि भारतीय छात्रों के लिए अब सबसे बड़ी समस्या पैसों को लेकर आ रही है, क्योंकि वहां एटीएम और बैंकों में कैश के लिए लम्बी कतारें लगी हुई हैं। रूपये बदलने में बहुत इंतजार करना पड़ रहा है।