सेंट जोंस स्कूल के बाहर बसे खड़ी करने की सूचना पर पहुंचे प्रशासन ने स्कूल बसें रोक लीं। स्कूल के बाहर पार्किंग बनाने की मना करते हुए बसें अंदर खड़ी करने के निर्देश दिए। स्कूल प्रिंसिपल ने प्रशासन के निर्देशों को दरकिनार कर दिया। प्रशासन और स्कूल प्रिंसिपल के बीच हुए विवाद के चलते बच्चे देर से घर पहुंचे। भूख-प्यासे बच्चे अपनी बस का इंतजार करते रहे। वहीं वाहन चालकों ने भी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी है।
शनिवार को सदर तहसील में कुर्री कूपा निवासी गुलाब सिंह यादव एडवोकेट ने सेंट जोंस के बाहर अवैध पार्किंग की शिकायत की। बताया कि स्कूल ने सड़क पर पार्किंग बना दी गई है। स्कूल की बसें, छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के वाहन सड़क पर खड़े होने से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। शिकायत के निस्तारण को सिटी मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह, एआरटीओ रामसिंह यादव सेंट जोंस स्कूल पहुंचे। वहां मौके पर देखा कि मैन रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रिंसिपल फादर रोजीमन थॉमस से वाहनों को अंदर पार्किंग में लगवाने को कहा तो फादर ने वाहनों को स्कूल में खड़ा कराने से मना कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने वाहनों की सीज कराने की बात कही, तो चालक भी स्कूल प्रशासन के विरोध में खड़े हो गए। वहीं स्कूल की छुट्टी के बाद भी बच्चे घर न पहुंचने से अभिभावकों में हड़कंप मच गया। जब उन्होंने स्कूल में फोन कर पता किया तो बताया कि स्कूल में कोई विवाद हो गया, जिससे बच्चे घर नहीं जा पा रहे हैं। सूचना पर बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों ने सिटी मजिस्ट्रेट से बच्चों को घर भेजने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने चालकों से बच्चों को घर पहुंचाने की बात कही। साथ ही कहा कि अब कोई चालक बच्चों को लेकर आया तो वाहनों को सीज कर दिया जाएगा।
हड़ताल पर जा सकते हैं वाहन चालक
स्कूल प्रशासन के रवैये से आक्रोशित वाहन चालकों ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। चालकों ने कहा कि गुरुवार से कोई चालक बच्चों को स्कूल लेकर नहीं आएगा। यदि कोई चालक बच्चों को लेकर आता है, तो उसका कड़ा विरोध करेंगे।
स्कूल के अंदर नहीं होगी पार्किंग
नेशनल हाइवे पर लोगों ने मार्ग को घेर लिया है, प्रशासन उस पर कार्रवाई नहीं करता। दो बजे तक वाहन सड़क पर खड़े होते हैं, इस पर किसी को क्या तकलीफ है। पार्किंग से किसी को कोई असुविधा नहीं है। किसी भी कीमत पर स्कूल के अंदर पार्किंग नहीं की जाएगी।
फादर रोजीमन थॉमस, प्रिंसिपल