धूमधाम से निकाली निषाद राज गुहराज की शोभायात्रा
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श्रंगवेरपुर के राजा गुहराज निषाद श्रीराम के परम सखा थे। गुहराज निषाद हमारे महापुरुषों में प्रमुख हैं। यह बात निषादराज गुहराज की शोभायात्रा का शुभारंभ करते हुए सीयर देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष कपूर चंद्र वर्मा ने कहीं।
उन्होंने कहा कि निषाद जाति भारतवर्ष की मूल एवं प्राचीनतम जातियों में से एक है। रामायण काल में निषादों की अपनी अलग सत्ता एवं संस्कृति थी। निषाद एक जाति नहीं बल्कि चारों वर्ण से अलग पंचम वर्ण के नाम से जाना जाता था। आदिकवि महर्षि बाल्मीकि, महर्षि वेद व्यास, भक्त प्रहलाद और राम सखा महाराज गुहराज निषाद जैसे महान पुरुषों ने इस जाति को सुशोभित किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में भी इस समुदाय के सूरवीरों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इससे पूर्व त्रिलोकी नाथ प्रधान ने दीप प्रज्वलित किया। शोभायात्रा का माता सीयर देवी प्रांगण से प्रारंभ होकर गदलपुरा, बजहेरा, ठार रामगढ, पीपरिया, चंडेश्वर व रसूलाबाद होती हुई पुन: माता सीयरदेवी मंदिर परिसर में पहुंचकर समाप्त हुई। इस मौके पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अध्यक्षता सीयर देवी के महंत दौलत गिरि ने व संचालन नारायण शस्त्री ने किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष बीएल वर्मा, प्रेमसिंह वर्मा, डा वीरेंद्र सिंह, संजय गोरख, सिलेट सिंह एडवोकेट, लीला धर वर्मा, हरिचरन सिंह, बृृजमोहन निषाद, देवकरन दिलावर, महेंद्र सिंह, सुनीता वर्मा, हिना वौहरे, ममता वर्मा, ब्रजेश निषाद आदि रहे।