एसआरडी और एफएस कालेज उसायनी के बीटीसी छात्रों के उत्पीड़न, मारपीट और फीस के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों की जांच के लिए शनिवार को नगर मजिस्ट्रेट ने सभी पक्षों को डायट पर बुलाया। छात्रों ने कालेज जाने से साफ इंकार कर दिया और प्रशिक्षण डायट पर ही पूरा कराने की मांग की। मामले की जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट को छात्रों ने ज्ञापन सौंपा।
छात्र-छात्राएं डायट अपना पक्ष जांच अधिकारी को बताने सुबह दस बजे ही पहुंच गए। कालेज प्रबंधक दिनेश यादव के भाई एमएलसी डा. दिलीप यादव भी प्राचार्य के साथ डायट पर पहुंचे। डायट प्राचार्य राघवेंद्र वाजपेयी ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र कालेज जाने को तैयार नहीं हुए। एमएलसी डा. दिलीप ने कहा जिन लोगों से छात्रों को शिकायत है, वह कालेज में नहीं दिखेंगे। सिर्फ सरकारी फीस ही ली जाएगी। जिन्होंने जितनी फीस अब तक जमा कर दी है, उनकी वह फीस सरकारी फीस में जोड़ ली जाएगी। डायट प्राचार्य राघवेंद्र वाजपेयी ने भी आश्वासन दिया कि अगर छात्रों की अब शिकायत होती है तो वह खुद कालेज प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
दोपहर एक बजे डीएम के नामित जांच अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर सिंह ने छात्रों का पक्ष सुना। डायट प्राचार्य ने एक सप्ताह बाद पुन: छात्रों को डायट पर बुलाया है। तब तक छात्रों ने कालेज जाने से इंकार किया है। छात्रा दर्शिका श्रीवास्तव ने कहा कि उसे डेंगू हो गया। सूचना देकर भी जब इलाज कराने लखनऊ घर गई तो वापस आने पर 3500 रुपये पेनल्टी ली। पूर्व में एक छात्र की किडनी फेल हो गई, उससे भी कालेज वालों ने अनुपस्थित रहने की पेनल्टी ली।
छात्रों की यह है मांग
- सभी प्रशिक्षु शेष प्रशिक्षण डायट पर लेना चाहते हैं।
- सभी प्रमाण पत्र डायट पर दिए जाएं।
- पूर्व में जो भी धनराशि ली गई है वह आगे की फीस में समायोजित करें।
- छात्रवृत्ति फार्म सही कराया जाए।
- सभी आश्वासन हमें लिखित में स्टांप पेपर पर दिए जाएं।
कालेज छात्रों को गलतफहमी हो गई थी। हम छात्रों की हर बात मानने को तैयार हैं। कोई अवैध फीस नहीं ली गई और ही आगे ली जाएगी।
- डा. दिलीप यादव, एमएलसी
छात्रों को परेशानी नहीं होने देंगे। छात्र डायट पर प्रशिक्षण करना चाहते हैं तो हम उच्चाधिकारियों से वार्ता करेंगे, फिर जवाब देंगे।
- राघवेंद्र वाजपेयी, प्राचार्य डायट