फीरोजाबाद। पंचायत चुनाव के लिए गठित कमेटी में शामिल न किए जाने से पूर्व विधायक अजीम भाई ने नाराजगी जताई है। सपा जिलाध्यक्ष पर षडयंत्र रचने पार्टी में छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने की नसीहत दी। पूर्व जिलाध्यक्ष ने पार्टी की नीतियों की दुहाई देते हुए सपा जिलाध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाया है।
पूर्व सपा जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक अजीम भाई में इन दिनों पार्टी में कम सक्रिय हैं लेकिन संगठन में निष्ठा बरकरार है और पार्टी में विधान सभा में प्रत्याशी के लिए दावेदारी भी कर चुके हैं। गुरुवार को सपा जिला संगठन ने जब समिति बनाई तो उनका नाम उससे बाहर रखा। इसको लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष खफा दिखे उन्होंने इसका ठीकरा जिलाध्यक्ष दिलीप यादव पर फोड़ा। उन्होंने नाम न शामिल किए जाने पर जिलाध्यक्ष को पत्र लिखा और कारण पूछा। उनका तर्क था कि समिति में पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायकों को भी स्थान दिया गया है और वह दोनों रुप से समिति में स्थान पाने के हकदार हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्हें शामिल नहीं किया गया। वहीं कम निष्ठावान लोगों को समिति में स्थान दिया गया है। अजीम भाई ने बताया कि 1980 में लोकसभा प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह के साथ पार्टी से जुड़े थे जबकि डा. दिलीप यादव 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पार्टी में सक्रियता रखते हैं और अभी भी पार्टी ने उन्हें निष्कासित नहीं किया है। सपा जिलाध्यक्ष पार्टी गतिविधियों से उन्हें दूर रखते हैं। अजीम भाई ने मामले को पार्टी हाईकमान के संज्ञान में लाने की बात भी कही है साथ ही डा. दिलीप यादव से कार्य प्रणाली सुधार की हिदायत दी है।