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UP: रेलवे भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश...आधार कार्ड की प्रक्रिया में भी लगा दी सेंध; दो गिरफ्तार

Sat, 06 Dec 2025 08:58 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

तीन लाख रुपये में परीक्षा देने के लिए सौदा तय हुआ था। सौदा पक्का होने के बाद धोखाधड़ी से आधार कार्ड को अपडेट करवाया। इसके बाद अभ्यर्थी की जगह साॅल्वर ने परीक्षा दी। मामले में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ग्रुप डी परीक्षा में नकल कराने वाले सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश कर लाइनपार थाना पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अमन और शिवालय मटसैना थाना क्षेत्र के गांव दतावली के रहने वाले हैं। आरोपियों से 1.53 लाख रुपये की नकदी, पांच फर्जी आधार कार्ड समेत कूटरचित दस्तावेज और एक कार बरामद हुई है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को धोखाधड़ी और प्रतिरूपण की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। अब रेलवे भर्ती बोर्ड को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया, 03 दिसंबर को अमन ने शिवालय के स्थान पर जीबी इंफोटेक ज्ञान भारती कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नालंदा टाउन, शमशाबाद रोड, आगरा में रेलवे की भर्ती परीक्षा दी थी। सौदा तीन लाख रुपये में हुआ था। मुखबिर की सूचना पर लाइन पार थाना पुलिस ने 4 दिसंबर 2025 की रात परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर नोएडा नंबर की स्कॉर्पियो कार से आगरा से लौट रहे अमन और शिवालय को एसआर रिसॉर्ट के सामने सर्विस रोड से गिरफ्तार गिरफ्तार किया। शिवालय के बैग से 88,800 और अमन के बैग से 64,200 रुपये बरामद मिले।

अमन से मिले पांच में से चार आधार कार्डों में शिवालय के अलग-अलग फोटो लगे थे। आरोपियों से 01 पैन कार्ड, 3 एटीएम कार्ड के अलावा हाई स्कूल मार्कशीट, आरआरबी रजिस्ट्रेशन पत्र/एडमिट कार्ड, जिस पर अमन की फोटो लगी है भी बरामद हुए। दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
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इस तरह किया फर्जीवाड़ा
पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। शिवालय (मूल अभ्यर्थी) ने बताया कि उसने 3 लाख में अपनी जगह परीक्षा देने के लिए अमन से सौदा तय किया था। सौदा पक्का होने के बाद उसने धोखाधड़ी से अपने आधार कार्ड को अपडेट करवाया, जिसमें उसने अपना फिंगरप्रिंट और फोटो अमन का लगवा दिया। इसी फर्जी आधार और आरआरबी एडमिट कार्ड पर लगे अमन के फोटो का फायदा उठाकर अमन ने आगरा के जीबी इन्फोटेक सेंटर पर शिवालय की जगह परीक्षा दी। पकड़े जाने के वक्त दोनों बचे हुए पैसों का लेन-देन कर रहे थे। अमन ने स्वीकार किया कि वह इसी तरह लोगों का आधार कार्ड अपडेट करवाकर और दस्तावेजों में अपना फोटो लगाकर उनकी जगह परीक्षा देकर पैसे कमाता है।

रैकेट के सरगना और आधार अपडेट करने वालों की तलाश
गिरफ्तार अभियुक्तों शिवालय और अमन से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस पता लगा रही है कि क्या अमन ही सॉल्वर गैंग का मुख्य संचालक है या वह किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का महज मोहरा है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट करने वालों की भी तलाश कर रही है। यह कृत्य आधार पहचान प्रणाली में सेंध लगाने का गंभीर अपराध है। पुलिस अब आधार सेवा केंद्रों और संबंधित डाटा की जांच कर रही है।

आखिर कौन है अर्जुन सिंह और मनमोहन
पुलिस को आरोपियों के पास से अर्जुन सिंह और मनमोहन के नाम के एटीएम कार्ड व अन्य दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस इन दोनों को भी जांच के दायरे में ले आई है। दोनों की तलाश की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इनके दस्तावेज और एटीएम कार्ड आरोपियों तक कैसे पहुंचे।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। अन्य की तलाश व जांच जारी है। रेलवे भर्ती बोर्ड को भी इस प्रकरण के संबंध में रिपोर्ट भेजी जाएगी। -सौरभ दीक्षित, एसएसपी
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