जब तक समाज संगठित नहीं होगा, भला नहीं होगा। अपनी शक्ति को बरकरार रखने के लिए संगठित होना ही होगा। इसके साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना होगा। यह बात जटपुरा में आयोजित राष्ट्रीय निषाद संघ की बैठक में समाज सेवी नंदकिशोर ने कही।
उन्होंने कहा कि निषाद समाज के युवाओं को नशाखोरी से दूर रहने की जरूरत है। बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देना होगा। समाज में व्याप्त कुरीतियां जैसे मृत्यु भोज, बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसे फि जूल खर्चों पर अंकुश लगाना चाहिए। महेंद्र सिंह निषाद ने कहा कि लोकसभा, विधानसभा या प्रधानी का ही चुनाव क्यों न हो, समाज को संगठित होकर एक ही पार्टी को चुनना होगा। ऐसा न करने पर हाल ही में हुए चुनाव की तरह परिणाम भुगतने होंगे। हुब्बलाल ने कहा कि ग्राम सभा के चुनाव में निषाद समाज ने एकता का परिचय नहीं दिया। इससे समूचे ब्लाक में निषाद समाज का एक भी ग्राम प्रधान चुनाव नहीं जीता है। यह हमारे बिखराव का प्रमाण है। बैठक में चोखेलाल, चंदन सिंह, मुुन्नालाल, नारायण शास्त्री, रोमन सिंह, हरिचरन सिंह, भोले निशाद, किशनपाल सिंह व ओमवीर आदि थे। बैठक की अध्यक्षता बाबा ख्यालीराम व संचालन लीलाधर एडवोकेट ने किया।