तीन तलाक के मामले में न्याय के लिए भटक रही शाजिया की मदद को आखिर कर पुलिस ने हाथ बढ़ा दिए। हक की लड़ाई लड़ रही शाजिया को पहली जीत मिल गई है। शाजिया की तहरीर पर पुलिस ने पति को नामजद करते हुए पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस जांच करने शाजिया की ससुराल भी पहुंची। क्षेत्रीय लोगों के बयान दर्ज कर आरोपियों की तलाश भी की।
मूलरूप से इटावा की रहने वाली शाजिया का निकाह करीब पांच वर्ष पूर्व रसूलपुर क्षेत्र निवासी शानू के साथ हुआ था। शानू ने शाजिया का उत्पीड़न शुरू कर दिया था। शाजिया द्वारा बेटियों के लिए 20 रुपये मांगने पर शानू ने शाजिया को तीन बार कहते हुए तलाक दे दिया। इसके बाद शाजिया न्याय के लिए भटकती रही। दोनों बेटियों के साथ उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया था।
नगर विधायक से लेकर डीएम नेहा शर्मा तक से मिली। मंगलवार को शाजिया ने महिला थाने में पति शानू, सास सलमा बेगम, ननंद शवनम, रिजवाना और रुबिना के खिलाफ दहेज को लेकर उत्पीड़न और तलाक देकर घर से निकाल देने की तहरीर दी। महिला थानाध्यक्ष गीता सिंह का कहना है कि शाजिया की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट कर घर से निकाल देने की रिपोर्ट दर्ज की है।
महिला थानाध्यक्ष गीता सिंह के अनुसार विवेचना के लिए वे शानू के मोहल्ले में गई थीं। शानू के घर का नक्शा तैयार कराने के साथ ही लोगों से भी पूछताछ की। शानू के घर के आसपास रहने वाले लोग शाजिया के खिलाफ हैं। वहीं, उसके घर से कुछ दूरी पर रहने वाले लोग शाजिया के पक्ष में हैं। जांच के दौरान एकत्रित सबूत शाजिया के पक्ष में हैं। उसकी हर संभव मदद की जाएगी।