फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: पाउच में बेच रहे दूषित जल, तीन प्लांट सील, 18 और निशाने पर

Thu, 23 May 2024 04:36 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। अगर आप पाउच का पानी पी रहे हैं तो पहले मानक की जांच कर लें। क्योंकि इस दूषित पानी को पीने से आप बीमार पड़ सकते हैं। जनपद में इन दिनों बिना अनुमति और बिना पंजीयन लिए दूषित पानी पाउच बेचने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसे पाउच में निर्माता सादा पानी भरकर बेच रहे हैं और आमजन उसे मिनरल समझकर अपनी प्यास बुझाते हैं। बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी कर तीन पानी पाउच प्लांटों को सील किया। अगली कार्रवाई के लिए 18 अवैध प्लांटों की सूची जारी कर दी।
विज्ञापन

आसमान से बरस रही आग ने सभी को झकझोर दिया है। भीषण गर्मी के साथ ही लोग पीने के पानी को भी परेशान हो गए हैं। पेयजल की अधिक खपत के चलते शहर व कस्बा ही नहीं अन्य स्थानों पर भी पानी के नाम पर जहर बेचने वाले सक्रिय हो गए है। सार्वजनिक स्थलों पर छोटी-बड़ी दुकानों, खोखों पर धड़ल्ले से खराब पानी के पाउच बिक रहे हैं। इसका खुलासा स्वयं खाद्य सुरक्षा विभाग ने किया है। बृहस्पतिवार को सहायक आयुक्त डा. सुधीर कुमार के नेतृत्व में टीम ने मुस्तफाबाद में पंकज यादव व मनोज यादव के प्लांट को बंद कराया था। इस प्लांट पर रजिस्ट्रेशन नहीं था। गंदगी के बीच पानी भरा जा रहा था। इसी तरह रामगढ़ में नदीम पानी प्लांट और रामगढ़ में शिवम गुप्ता के प्लांट को सील किया गया। यह प्लांट भी अवैध रूप से संचालित मिले।
ये प्लांट दो दिन में बंद कराने के निर्देश
बंटू लांट रसीदपुर कनेटा, आदित्य कुशवाह रामनगर, मनोज यादव नगला विष्णु, सोफीपुर नौबत हलवाई के पास, पंकज यादव मुस्तफाबाद, नदीम रामगढ़, बॉबी कश्मीरी गेट, चक्कू 60 फीट रोड, जोगेंद्र हिमांयूपुर, अनिल राठौर हिमांयूपुर, सुहागनगर में, चौधरी प्लांट लालऊ, सतेंद्र राठौर चनौरा, यादवजी प्लांट जेवड़ा, शर्मा प्लांट मक्खनपुर और ठारपूठा में प्लांट का चिन्हांकन किया है।
विज्ञापन





मानकों को ताक पर रखकर करते है पैकिंग
प्लांट संचालकों की ओर से मानकों को ताक पर रखकर पानी के पाउच की पैकिंग कर रहे हैं। बिकने वाले अधिकांश पानी के पाउच पर पैकिंग की तिथि तक अंकित नहीं होती है और न ही एक्सपायरी डेट। इसके अलावा इन खराब पानी के पाउचों पर बैच संख्या भी नहीं लिखी हुई है। प्लांट संचालक ग्राउंड वॉटर का इस्तेमाल पानी के पाउच भरने के लिए करते हैं। पॉलीथिन में पैक होने के बाद पानी और अधिक हानिकारक हो जाता है, जबकि दुकानदार भी इन पाउचों को तेज धूप में कई दिनों तक रखने के बाद फ्रिज में ठंडा करके बेचते हैं।

जरूरी है बीआइएस प्रमाण पत्र
पानी बिक्री करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के नियम तो सख्त हैं। इसके लिए सबसे पहले भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके लिए प्लांट के पानी का नमूना लेकर बीआइएस कानपुर भेजा जाता है। पानी के नमूने के बाद प्रमाण पत्र के लिए करीब एक लाख रुपये की फीस भी जमा करनी पड़ती है। इसके बाद एक साल के लिए पानी की बिक्री के लिए प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। इसके बाद बीआइएस प्रमाण पत्र की प्रति के साथ खाद्य विभाग के लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाता है। खाद्य विभाग अपनी फीस लेकर लाइसेंस जारी कर देता है।



पेट इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण दूषित पानी
गर्मियों के दिनों में डायरिया, आंत व पेट के इंफेक्शन के सबसे ज्यादा मरीज बढ़ते हैं। इसमें दूषित पानी का सबसे अहम भूमिका होती है। पाउच में बिकने वाला पानी कई दिनों पहले पैक किया जाता है। धूप में भी रखा रहता है। मानक के अनुसार थैली प्रयोग नहीं होती। पॉलीथिन के संपर्क में रहने से कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है। -डाॅ. वरुण गुप्ता, फिजिशियन





- तीन पानी के प्लांटों को सील कर दिया गया है। इन प्लांटों से पूर्व में नमूने लिए गए थे और जांच में दूषित पानी निकला था। 18 प्लांटों की सूची जारी कर दी है कि खाद्य निरीक्षक इन प्लांटों को भी सील करके रिपोर्ट देंगे। जिले में सिर्फ तीन प्लांट ही पंजीकृत है। -डाॅ. सुधीर कुमार, जिला अभिहित अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें