फिरोजाबाद। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) फिरोजाबाद से विशिष्ट बीटीसी 1999, 2004, 2007 और 2008 बैच की मूल अंकतालिकाओं के चोरी प्रकरण में दो दिन तक चली व्यापक तलाश के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली। डायट प्रशासन ने पूरी खोजबीन के बाद इसकी रिपोर्ट शासन और जिलाधिकारी को भेज दी है। एक प्रवक्ता और एक लिपिक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
नियामक प्राधिकरण प्रयागराज में तीन दिन तक प्रयास करने के बाद अंकतालिका नहीं मिली तो प्राचार्य ने डायट पर अंकतालिकाओं की तलाश कराई। अंकतालिकाओं की बरामदगी के लिए डायट परिसर में अवकाश के दिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों को बुलाया गया था। रिकॉर्ड रूम में रखी लगभग 100 से अधिक अलमारियों को खुलवाकर एक-एक फाइल की गहन जांच कराई गई। तलाशी पूरी होने के बाद अब जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डायट प्रशासन ने प्राथमिक एक प्रवक्ता और एक लिपिक की जिम्मेदारी मानते हुए दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डायट प्राचार्य बृजेंद्र कुमार ने बताया कि दो दिन तक लगातार तलाश के बाद भी विशिष्ट बीटीसी की मूल अंकतालिकाएं नहीं मिल सकी हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले से शासन और जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है और आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार की जाएगी।
उठ रहे हैं सवाल...
यह प्रकरण सीधे तौर पर फर्जी शिक्षकों से जुड़ा माना जा रहा है। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। क्या शासन स्तर से विशेष जांच समिति गठित होगी, क्या आर्थिक अपराध शाखा या किसी स्वतंत्र एजेंसी को जांच सौंपी जाएगी। या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।