सुहागनगरी में अब डिजाइनर साड़ियां भी बनेंगी
- कोटला कस्बे में 1.25 करोड़ की लागत से मुस्कान ने स्थापित की है इकाई
- खादी और ग्रामोद्योग से भी मिली है 55 लाख की वित्तीय मदद
दिलीप शर्मा
फिरोजाबाद। सुहागनगरी में जल्द ही डिजाइनर साड़ियां भी बनेंगी। यह संभव होगा साड़ी निर्माण से। यह इकाई कोटला कस्बे में खादी ग्रामोद्योग की आर्थिक मदद से स्थापित की गई है। यहां जल्द ही गुजरात, दक्षिण भारत एवं उत्तर भारत के पैटर्न की डिजाइनर साड़ियां बनेंगी।
कंप्यूटर साइंस से बीएससी मुस्कान(23) युवती ने लक्ष्मी साड़ी निर्माण इकाई स्थापित की है। उन्हें यह योजना गुजरात भ्रमण के दौरान आई। फर्म लक्ष्मी साड़ी मैन्युफैक्चरर में विविध प्रकार की डिजाइनर साड़ियां बनाई जाएंगी। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। कुछ और मशीनों के आने का इंतजार है। इकाई संचालिका मुस्कान वर्तमान में महानगरों में आर्डर लेने में जुटीं हैं। दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू से उन्हेें आर्डर मिले भी हैं। इकाई स्थापना का प्रोजेक्ट करीब 1.25 करोड़ का है। इसमें 55 लाख रुपये की मदद खादी ग्रामोद्योग से मिली है। (संवाद)
इन ब्रांड की साड़ियां होंगी तैयार
सिफोन,सिल्क, ब्रासो, बेटलैक, लहरिया, डाई, कोल्हापुरी, खादी, कॉटन, लैसवर्क, प्रिंटेड और डायमंड वर्क वाली डिजाइनर साड़ियां।
मैंने सूरत में रह कर कई माह तक साड़ी मिल में काम करने के साथ ही प्रशिक्षण भी लिया है। कुछ अलग करने की इच्छा थी। परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन मिला। इसके बाद मैंने काम शुरू कर दिया है। शुरूआत में इकाई में 40-50 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेरी मंशा साड़ी निर्माण में देश भर में पहचान स्थापित करने की है।
- मुस्कान
कांच एवं चूड़ी के अलावा अन्य किस्म की इकाई स्थापना से जिला के युवाओं व श्रमिकों को अपने घर में ही रोजगार मिलेगा। इससे युवाओं का पलायन भी रुकेगा। कोटला में 1.25 करोड़ की लागत वाली साड़ी छपाई, निर्माण और एम्बोडरी वर्क इकाई स्थापना से जिले में रोजगार के नए साधन भी उपलब्ध होंगे।
- नीतू सिंह, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी