संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए हुआ मंथन
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संस्कार भारती ब्रज प्रांत की ओर से बाल बिहारी शर्मा की स्मृति में एकादश कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं बसंतोत्सव का आयोजन प्रभात होटल में किया गया। यजमानों ने यज्ञ में उत्साह के साथ भाग लिया और आहुतियां दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डा. विपिन मेहरोत्रा ने दीप प्रज्वलन कर किया। डा. राजेश उपाध्याय ने स्वर्गीय बाल बिहारी के चित्र पर माल्यार्पण किया। यज्ञ राम स्वरूप आर्य ने संपन्न कराया। दूसरे सत्र में आयोजित बसंतोत्सव में संस्कृत संगोष्ठी कार्यक्रम हुआ। विधायक मनीष असीजा ने मां सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी भारतीय जननी है। यह कार्यक्रम नगर में पहली बार आयोजित हो रहा है। मुख्य अतिथि हरिकिशोर दीक्षित ने कहा कि संस्कृत की रक्षा करने का हम सभी का कर्तव्य है। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय संगठनमंत्री जयप्रकाश गौतम ने कहा कि संस्कृत का प्रचार-प्रसार 30 वर्षो से निरंतर चल रहा है। इसका प्रचार-प्रसार केवल भारत में नहीं अपितु 13 देशों में भी चल रहा है। हमारा समर्पण समाज के लिए हो, जिससे समाज में संस्कृत के प्रति जागरूकता आए और संस्कृत की रक्षा हो। समर्पण केवल दान का नहीं होता है, बल्कि शरीर, मन, धन और बुद्धि का भी होता है। संचालन डा. तुलसी देवी ने किया। शील मणि शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अशोक तिवारी, डा. देवेंद्र तिवारी, संदीप तिवारी, प्रंातीय संगठन मंत्री श्रवण कुमार, धर्मेंद्र आदि उपस्थित रहे।