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सराफा बाजारों में लौटी रौनक, बिखरी सोने की चमक

Wed, 13 Apr 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
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सराफा बाजारों में लौटी रौनक, बिखरी सोने की चमक - फोटो : अमर उजाला
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लंबी हड़ताल, विरोध प्रदर्शनों ओर आंदोलन के बाद आखिरकार 42 दिन बाद सराफा बाजार में रौनक लौट आई। शहर के सराफा व्यापारियों ने बुधवार को प्रतिष्ठान खोले। कई दिन बाद बाजार खुलने पर मिला जुला असर रहा। लोगों ने शादी विवाह के लिए खरीदारी की। सराफा की दुकानों पर कारीगर सोने-चांदी के आभूषण बनाते नजर आए।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने सराफा व्यापार पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और दो लाख की खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता का प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार के कानूने के खिलाफ पूरे देश में सराफा व्यापारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। फीरोजाबाद में स्वर्णकार संघ और सराफा कमेटी के बैनर तले  सराफा व्यापारी आंदोलन कर रहे थे, लेकिन आपसी फूट के चलते स्वर्णकार संघ ने आंदोलन की राह छोड़कर अपने प्रतिष्ठान खोल दिए थे। वहीं मंगलवार को आगरा में सराफा कमेटियाें की मीटिंग के बाद हड़ताल को 24 अप्रैल तक स्थगित करने का निर्णय लिया, जिस पर सभी ने सहमति जताई। बुधवार को आंदोलन के अस्थायी विराम के बाद सराफा व्यापार में रौनक नजर आई। सदर बाजार, घंटाघर, कृष्णा पाड़ा, दूध वाली गली, जलेसर रोड, कोटला रोड, सुहाग नगर, हिमायूंपुर, करबला में सराफा व्यापारियों ने बुधवार को अपने-अपने प्रतिष्ठान खोले। ग्राहकों की  मांग के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण बनाने में कारीगर व्यस्त नजर आए। लंबे समय बाद दुकानों पर ग्राहकों को देख सराफा व्यापारी प्रसन्न आए। वहीं व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाकर केंद्र सरकार का विरोध भी किया।

प्रस्ताव वापस न लिया तो 24 के बाद फिर होगा आंदोलन
सराफा कमेटी के मीडिया प्रभारी विकास पुरवार ने कहा है कि मंगलवार को आगरा में बैठक के बाद सराफा बाजार 24 अप्रैल तक आज से खुल गया है। सराफा व्यापारी काले झंडे लगाकर केंद्र सरकार का विरोध जारी रखेंगे। यदि केंद्र  सरकार ने जल्द प्रस्ताव वापस न लिया तो 24 अप्रैल के बाद सराफा बाजार में  पुन: बंदी जैसा निर्णय लिया जाएगा।
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