जलनिगम के टीटीएसपी स्थापना में प्रशासन की जांच टीम ने 14.52 करोड़ का घपला पकड़ा है। जांच में 40 टीटीएसपी मौके पर नहीं मिलीं। जबकि 183 बंद मिली हैं। बड़ी टंकियों के अनुरक्षण कार्य में ठेकेदारों एवं विभाग के द्वारा मनमानी की गई। इस मामले में डीडीओ की तहरीर पर 26 ठेकेदारों के खिलाफ अभियोग धारा 420 व 409 के तहत दर्ज कर ली है। चार एक्सईएन, आठ एई, नौ जेई के खिलाफ अभियोग की अनुमति को शासन को पत्र भेजा है। डीएम ने घपले में शामिल ठेकेदारों को काली सूची में डालने के आदेश दिए हैं।
बसपा शासन में जिले को टीटीएसपी की स्थापना को करोड़ों रुपया मिला था। 2008-09 से लेकर 2013-14 तक विभाग को 4799.83 हजार रुपया 753 टीटीएसपी की स्थापना के लिए आवंटित किया। विभाग ने टंकियों की स्थापना करने के बजाय बजट को मनमाने ढंग से खर्च भी कर लिया था। डीएम विजय किरन आनंद को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने सीडीओ सुजीत कुमार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। जांच टीम ने काफी पड़ताल के बाद पाया कि 40 टीटीएसपी मौके पर नहीं ही मिलीं। इसमें 255.20 लाख का शासकीय गबन माना है। 183 टीटीएसपी बंद होने के कारण 1167.54 लाख की ही वित्तीय अनियमितता मिली है। पाइप पेयजल अनुरक्षण में 29.90 लाख की गड़बड़ी मिली है। डीडीओ रामकृतराम की तहरीर पर दक्षिण पुलिस ने 26 ठेकेदारों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया है। जांच एसएसआई गिरीश चंद्र तिवारी को सौंपी है। डीएम ने ठेकेदारों के काली सूची में डालने के साथ ही इस दौरान तैनात रहे एक्सईएन एसपी शर्मा, वीके निम, एसपी अग्रवाल, मुंशीलाल के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने की शासन से अनुमति को पत्र भेजा है। वहीं एई भुवनेश जैन, सीपी गुप्ता, राकेश उपमन, एसपी शर्मा, एसपी गुप्ता, गंगा सिंह, अखिलेश बाबू, छुट्टू प्रसाद व जेई आरके सेंगर, आरसी अग्रवाल, नितिन वर्मा, सुरेंद्र पाल, चंद्रशेखर, टीसी शर्मा, ओमवीर, पवन कुमार, वीपी सक्सेना की भूमिका की जांच विभाग को कराने की संस्तुति की है।
जांच समिति को क्या मिली खामी
ठेकेदार शैलेश कुमार की 31 टीटीएसपी मौके पर ही नहीं मिलीं। इसमें 197.98 लाख एवं 46 के बंद होने के कारण 293.48 लाख, नौ परियोजनाओं की मरम्मत कार्य ठीक नहीं होने के कारण 13.24 लाख का दोषी पाया है। वहीं दलवीर सिंह की 43 टंकी बंद मिलीं। 274.34 लाख तथा मेसर्स कृष्णा कंस्ट्रक्शन की दो टंकी मौके पर नहीं मिलीं 12.76 लाख, 15 बंद मिलने के कारण 95.70 लाख व 13 टंकियों के सुदृढ़ीकरण के मामले में 11.33 लाख के गबन का दोषी पाया। चंद्रप्रकाश की 14 टंकी के बंद होने पर 89.32 लाख, आरके एंड केके सप्लायर्स की आठ के बंद होने के कारण 51.04 लाख, चार टंकी के अनुरक्षण में 1.14 लाख, जेएलएस कंस्ट्रक्शन आगरा की नौ के बंद होने के कारण 57.32 लाख दो नहीं मिलने के कारण 12.76 लाख का गबन माना है। कृष्णकांत उपाध्याय की सात बंद होने के कारण 44.66 लाख, मनोज कुमार मढ़ाई की पांच बंद होने पर 31.90 लाख, राधेश्याम की चार बंद होने पर 25.52 लाख, प्रिया कंस्ट्रक्शन की चार के बंद मिलने के कारण 25.52 लाख एवं पांच टंकियों के अनुरक्षण कार्य ठीक नहीं होने के कारण 4.49 लाख का गबन माना है। राधा ट्रेडर्स, साईं गणेश इंटरनेशनल, राकेश बाबू असुआ की तीन-तीन टीटीएसपी बंद मिलीं। सुबोध यादव, कृष्ण कांत यादव, अबधेश यादव लेखराज, लक्ष्मीकांत गौतम, विजय सिंह बुद्ध आश्रम की दो-दो टंकी बंद मिलने के कारण 12.76 लाख का दोषी पाया है। अनुपम कृष्णा की दो टीटीएसपी के बंद पर 12.76 लाख एवं तीन के नहीं मिलने के कारण ही 19.14 लाख का दोषी माना है। पंकज शर्मा हिमायूंपुर की एक टीटीएससी नहीं मिलने व एक बंद होने पर 12.76 लाख, बनवारीलाल की एक टंकी नहीं मिलने व एक बंद होने पर 12.76 लाख, आदेश कुमार, आरएन ट्रेडर्स, सुरेशबाबू पुष्कर, दाऊदयाल फर्म, आरके कंस्ट्रक्शन राजा का ताल की एक-एक टीटीएसपी जांच टीम को बंद मिली है।
जांच समिति ने यह भी की संस्तुति
- जल निगम द्वारा 718.64 लाख सेंटेज के लिए शासन को प्रेषित करने की बात कही। एक्सईएन से इसका साक्ष्य मांगा है।
- एक्सईएन ने बचत धनराशि 1987.682 लाख बताया है जबकि बैंक खातों में 1759.192 लाख रुपया है। 2.28 करोड़ कहां गया।
- बंद मिली 183 टीटीएसपी को चालू कराने तथा मौके पर नहीं मिली 40 टीटीएसपी की स्थापना उपलब्ध धनराशि से शासन की अनुमति लेकर कराएं।
- बिना कार्य पूर्ण किए ठेकेदारों को किए गए भुगतान की आरसी जारी करके वसूली कराएं।
ठेकेदारों में मचा हड़कंप
प्रशासन की ओर से अभियोग दर्ज कराने के बाद ठेकेदारों ने बचाव के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सत्ताधारी दल के नेताओं के दरवाजों को खटखटाया है। साथ ही शासन में मामले को पहुंचाने का निर्णय लिया।
जलनिगम को बजट
2008-09 में 213.94 लाख
2009-10 में 213.94 लाख
2010-11 में 534.84 लाख
2011-12 में 1825.30 लाख
2013-14 में 2011.81 लाख
-----------------------
कुल धनराशि 4799.83 लाख
-----------------------