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एंटी रेबीज इंजेक्शन न मिलने पर हंगामा, हाईवे किया जाम

Tue, 30 May 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
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जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्‍शन नहीं मिलने पर हंगामा करते लोग।
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एंटी रेबीज इंजेक्शन न मिलने पर मरीज और तीमारदारों ने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। इसके बाद वे सड़क पर उतर आए। सर्विस रोड एवं हाईवे को जाम कर दिया। उनका आरोप था कि जिला अस्पताल में दलाल रुपये लेकर इंजेक्शन लगवा रहे हैं। गरीबों को इंजेक्शन के लिए मना कर दिया जाता है।
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एबीआरबी (कुत्ता काटने का इंजेक्शन) की समस्या जिला अस्पताल में अक्सर रहती है। इंजेक्शन जिला अस्पताल में खत्म होने पर चार मरीज एक इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से खरीदकर लगवाते हैं। मंगलवार को मेडिकल स्टोर की हड़ताल के चलते मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिला। आक्रोशित मरीजों और उनके तीमारदारों ने हंगामा कर दिया। साथ ही हाईवे, सर्विस रोड जाम कर दिया। सर्विस रोड और हाईवे करीब पांच से छह मिनट जाम रहा। सीएमओ सिटी ओमकार यादव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मरीजों को समझाकर जाम खुलवाया। सीओ सिटी सभी मरीजों को सीएमएस कक्ष लेकर पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डा. अजय अग्रवाल से वार्ता की। उन्होंने एंटी रेबीज इंजेक्शन की सप्लाई शासन से ही न आने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ जिला अस्पताल में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में है। कुछ इंजेक्शन आ जाते हैं, जिसमें हम लगवा देते हैं। 25 मई से इंजेक्शन खत्म हो चुके हैं। शासन को डिमांड भेजी जा चुकी है।
 
तीमारदार बोले-दलाल 300से 400 रुपये में बेच रहे इंजेक्शन
लोहामंडी से आए महफूजा ने कहा कि बेटे के इंजेक्शन लगवाने आए हैं। यहां दलाल मरीजों को 300 से 400 रुपये में इंजेक्शन बेच रहे हैं लेकिन जिला अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है। हिमांयूपुर निवासी ममता का कहना है कि बच्चे को बंदर ने काट लिया था। बाहर इंजेक्शन बहुत महंगा है। इसलिए जिला अस्पताल आए। यहां कई दिन से लौट रहे हैं। नई बस्ती निवासी गुड्डी देवी ने कहा कि बेटे को कुत्ता काटने का इंजेक्शन लगवाना था। कह देते हैं कि बाहर से खरीद लाओ। अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है।
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नगर निगम नहीं चलाता अभियान
शहर में आवारा जानवरों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में करीब 250 से ज्यादा मरीज थे, जिन्हें कुत्ते या बंदरों ने काट लिया था। कुत्तों या बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। मगर नगर निगम के अधिकारी इन बातों से अंजान हैं।
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