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नहीं शुरू हो सका रामलीला महोत्सव, लोग मायूस

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फिरोजाबाद। शनिवार को रामलीला महोत्सव शुरू नहीं हो सका। परंपरा के अनुसार गणेश डोला के साथ महोत्सव शुरू होता है लेकिन प्रशासन द्वारा कोई फैसला न लिए जाने के कारण गणेश डोला नहीं निकला। डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा है कि वर्तमान स्थिति में रामलीला मेला महोत्सव कराना मुश्किल है। ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव शुरू न होने से लोगों में मायूसी भी है।
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रामलीला कमेटी रजिस्टार कार्यालय से भंग है। रामलीला कमेटी के कार्यालय पर इस समय प्रशासन का कब्जा है। दस अक्तूबर से रामलीला महोत्सव शुरू होना था लेकिन आयोजन को लेकर प्रशासन कोई फैसला नहीं ले सका। इस बार रामलीला आयोजन कराने लिए गेंद प्रशासन के पाले में है। प्रशासन को ही तय करना है कि महोत्सव किस तरह से कराया जाए। इसको लेकर नगर मजिस्ट्रेट कुवंर पंकज सिंह ने कवायद भी की। महोत्सव से जुडे लोगों के साथ बैठक भी की। कमेटी बनाने का प्रयास भी हुआ लेकिन निष्कर्ष कोई नहीं निकला। प्रशासन रामलीला कराएगा या नहीं इस पर शनिवार रात तक कोई निर्णय नहीं ले सका। डीएम चंद्र विजय सिंह का कहना है कि स्थिति को देखते हुए प्रशासन के सामने रामलीला कराना मुश्किल काम है। कमेटी के बीच विवाद है और रजिस्टार कार्यालय से कमेटी निरस्त कर दी गई है। शहर में कोविड की स्थिति काफी गंभीर है। प्रशासन को टूंडला विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव भी कराना है, ऐसे में प्रशानिक टीम के सामने महोत्सव कराना मुश्किल है। फिर भी हम देख रहे हैं और गाइड लाइन के अनुसार क्या हो सकता है।
रामलीला से जुडे लोगों ने प्रशासन को ठहराया दोषी
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति से जुडे रामप्रकाश बघेल ने रामलीला शुभारंभ के मौके पर श्री गणेश रथ शोभायात्रा न निकालने पर नगर प्रशासन को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा इससे सैकड़ों सनातन धर्मालम्बियों की भावनाएं आहत हुई हैं। रामलीला के अभी तक न तो पुलिस कोतवाली की स्थापना की गई और न रामलीला परिसर के जोडने वाले कोटला रोड एवं हनुमान रोड का निर्माण कार्य एवं मरम्मत कार्य को कराया गया है। यहां तक कि रामलीला परिसर में लगने वाले जानकी बाजार,महाकाली धाम मार्ग, कैला देवी मंदिर के लिए आने वाले मार्ग पर लगे बांस बल्ली के टट्टरों एवं स्टालों आदि को अभी तक नहीं हटवाया गया है। कमेटी के पूर्व पदाधिकारी नितेश अग्रवाल ने कहा है कि रामलीला महोत्सव का प्रशासन आयोजन कराए।
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