फिरोजाबाद। फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर 1989 के चुनाव में जनता दल की ऐसी लहर चली कि रामजीलाल सुमन ने इस चुनाव में एक इतिहास रच दिया। 65.61 प्रतिशत मत पाकर जीत हासिल की थी। कांग्रेस प्रत्याशी को छोड़कर सभी की जमानत जब्त हो गई। जीत का अंतर इतना था कि आज तक कोई नहीं पाट सका। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के गंगाराम मात्र 25.65 प्रतिशत वोट पा सके थे। शेष प्रत्याशी तो जमानत तक नहीं बचा पाए थे। फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र के वोटरों का मिजाज कुछ अलग हटकर ही रहा। आगरा और फिरोजाबाद जिले के मध्य बहने वाली यमुना नदी के किनारे के वोटरों का जब मिजाज बदला तो परिणाम भी उलट सामने दिखाई दिए। इनका साथ जिसे मिल गया, वही सिकंदर बन गया। फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर अभी तक हुए कुल 18 लोकसभा चुनावों की बात करें तो 1989 का चुनाव ऐतिहासिक रहा। इतने बड़े अंतर से इस चुनाव में जनता दल के प्रत्याशी के रूप में रामजीलाल सुमन ने जीत दर्ज कराई थी उसे कोई नहीं पा सका।
जनता के मन में सिर्फ सुमन बसे थे, यही कारण रहा कि कुल पड़े चार लाख 32 हजार 544 मतों में से 65.61 प्रतिशत वोटरों ने रामजीलाल सुमन का साथ दिया। दो लाख 83774 वोट पाकर वह जीत के सिकंदर बने थे। भाजपा एवं कम्युनिस्ट के बाहरी समर्थन से केंद्र में वीपी सिंह की सरकार बनीं थी। भारी अंतर से जीत के कारण ही रामजीलाल सुमन को केंद्रीय मंत्री बनने का मौका मिला था।
प्रत्याशी -पार्टी- -मिले मत -मतों का प्रतिशत
-रामजीलाल सुमन -जनता दल -283774 -65.61 प्रतिशत
-गंगाराम -कांग्रेस -110948 -25.65 प्रतिशत
-सुखराम वरुण -बसपा -12576 -2.91 प्रतिशत
-हसनूराम आंबेडकर -निर्दलीय -6854 -1.58 प्रतिशत
-प्रभूदयाल -निर्दलीय -4362 -1.01 प्रतिशत
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बसपा सहित 10 प्रत्याशियों की जमानत हो गई थी जब्त
1989 के लोकसभा चुनाव के दौरान देश में चली जनता दल की आंधी का परिणाम था कि रामजीलाल सुमन को एक तरफा 65 प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे। बसपा प्रत्याशी सुखराम वरुण सहित दस प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। बसपा के सुखराम वरुण को 12576, निर्दलीय लड़े हसनूराम आंबेडकर को 6854, प्रभूदयाल को 4362, रज्जन बाबू को 3449, सियाराम डीडीपी को 3014, भगवान सिंह एफबीएल को 2018 निर्दलीय गिरेंद्र सिंह को 1714,नरेंद्र को 1571, देवकीनंदन को 1483 व अशोक कुमार को 781 मत मिले थे। इनमें से किसी की जमानत नहीं बची थी।