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धरती पर बरसेगा अमृत, खिलेगी चांदनी

Sun, 25 Oct 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
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धरती पर 26 अक्तूबर यानि शरद पूर्णिमा को अमृत बरसेगा। शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। शरद पूर्णिमा के देवता श्री कृष्ण हैं। इस दिन भगवान रास रचाते हैं। इसे श्री कृष्ण भक्ति और लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए इसे विशेष पर्व माना जाता है। इस बार विशेष है कि शरद पूर्णिमा 27 अक्तूबर को है लेकिन 26 अक्तूबर चौदस को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। 27 अक्तूबर को सूर्यास्त पूर्व सायं पांच बजकर 35 मिनट पर पूर्णिमा समाप्त होने से चंद्र आधारित रात्रिकालीन मनाया जाने वाला यह अमृत पर्व 26  अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा रात्रि 9:11 मिनट से प्रारंभ होगी। अर्धरात्रि में पूर्णिमा होने के कारण यह रात और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
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 मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की चांदनी में अमृत की बूंदे समाहित होती है। ऐसे में इस रात को खीर बनाकर चांद की चांदनी में रखने से इसमें अमृत वर्षा के कुछ कण अवश्य गिरते है, जो व्यक्ति यह खीर सुबह उठकर खाता है वह निरोग और बलशाली होता है। पंडित मुन्नालाल शास्त्री की मानें तो शरद पूर्णिमा पर अमृत बरसेगा। उन्होंने बताया कि इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के बहुत करीब होता है। वहीं सारी रात शरद पूर्णिमा तिथि, सोमवार की रात को मेष राशि में चंद्रमा का होना, रेवती और अश्विनी नक्षत्र, हर्ष योग यह ग्रह नक्षत्रों का सुयोग खूब अमृत बरसाएगा। आयुर्वेद में शरद पूर्णिमा की रात को विशेष रूप से रोग नाशक और शीतलता देने वाली कहा है। आयुर्वेद के विद्वानों का मानना है कि इस रात चावल, मिश्री, दूध मिलाकर चांद की चांदनी में रखकर सुबह खाने से शरीर की दाह शांत होती है। ब्लड प्रेशर, घबराहट, दिमागी रोग दूर होते हैं और क्रोध पर नियंत्रण रहता है। चांदनी रात में 10 से मध्यरात्रि 12 बजे के बीच कम वस्त्रों में घूमने वाले व्यक्ति को ऊर्जा प्राप्त होती है। सोम चक्र, नक्षत्रीय चक्र और आश्विन के त्रिकोण के कारण शरद ऋतु से ऊर्जा का संग्रह होता है और बसंत में निग्रह होता है।

विज्ञान भी मानता है शरद पूर्णिमा का लाभ
वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार दुग्ध में लैक्टिक अम्ल और अमृत तत्व होता है। यह तत्व किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है। चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया और आसान हो जाती है। इसी कारण ऋषि-मुनियों ने शरद पूर्णिमा की रात में खीर खुले आसमान में रखने का विधान किया है। यह परंपरा विज्ञान पर आधारित है।
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शहर भर में कई स्थानेें पर आयोजन
शरद पूर्णिमा के दिन शहर के फीरोजाबाद क्लब में शरदोत्सव का आयोजन किया जाएगा। क्लब अध्यक्ष विजय नरूला ने बताया कि शाम आठ बजे परिसर में रंगारंग संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा।  कई अन्य धार्मिक एंव सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बालकृष्ण गुप्ता और विशिष्टि अतिथि सदर विधायक मनीष असीजा रहेंगे। वहीं दूसरी ओर शहर के मंदिर श्री बिहारी जी महाराज कृष्णापाड़ा,  द्वारिकाधीश मंदिर आदि स्थानों पर बिहारी जी के श्वेत धवल दर्शन होंगे।
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