किसानों के लिए मंगलवार का दिन अमंगल साबित हुआ। बारिश एवं ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी। नारखी क्षेत्र में बारिश के साथ ओले पड़े तो खेतों में खड़े आलू एवं मिर्च की फसल चौपट हो गई। सरसों एवं अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ। शहरी क्षेत्र में जलभराव हो गया। सर्दी में बढ़ोत्तरी के साथ गर्म कपड़ों की बिक्री प्रारंभ हो गई।
दिसंबर माह की शुरूआत सुबह तो ठीक से हुई लेकिन सूरज चढ़ने के साथ मौसम का मिजाज बदल गया। 11.45 बजे तेज हवा के साथ काली घटाएं झमाझम बरस पड़ी। बारिश के साथ ओलावृष्टि ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फेर िदया। नया बांस, बरतरा, नगला रामकुंवरि, जाटऊ आदि गांवों में ओलों के कारण खेतों में बोई आलू की बेल खेतों में बिछ गई। मिर्च की फसल बिछने के कारण अचार की मिर्च प्रभावित हुई। सरसों के फूल झड़ गए एवं अन्य फसलों को भीकाफी नुकसान हुआ।
खैरगढ़ क्षेत्र के प्रतिनिधि की मानें तो तेज हवा बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। आलू, सरसों के साथ अन्य फसलों पर असर पड़ा है। कई पेड़ तक धराशायी हो जाने के कारण रास्ते तक बंद हो गए। जसराना क्षेत्र में बारिश और ओलों ने फसलों को काफी हानि पहुंचाई। किसानों ने आलू की फसल अगैती बोई थी उनको झटका लगा है। वहीं पिछैती बोने वालों के खेतों में पानी भरने के कारण ही आलू का बीज सड़ने की संभावना है।
फरिहा एवं एका क्षेत्र में झमाझम बारिश के साथ ओले पडने के कारण फसलों को हानि हुई। साथ ही ब्लाक क्षेत्र में चल रहे मतदान में बारिश बाधक बनी। कई मतदान केंद्रों पर तो बारिश के कारण शाम को मतदाताओं के बाहर ही निकलने का क्रम थम गया।
ओलों से ही खेल रहे थे किशोर
नारखी से बरतरा मार्ग पर कई स्थानों पर ओलों की सफेद चादर मार्ग के किनारे बिछी नजर आई। फसल की बर्बादी रोड के किनारे निकलने वालों को दिखाई दी। नया बांस में आशीष, अनुज एवं मोहन तो खुद ओलों को हाथ में लेकर खेल रहे थे। उन्हें नहीं पता कि इन ओलों ने उनके खेतों की फसल चौपट कर दी।
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किसान बोले, कुदरत ने कहीं का नहीं छोड़ा
बारिश एवं ओलावृष्टि ने कहीं का नहीं छोड़ा। आलू की फसल तो चौपट हो गई। कुदरत की मार से हम किसानों के लिए दो जून की रोटी जुटाना तक मुश्किल हो गया।
महावीर सिंह नगला रामकुंवरि
बारिश के साथ ओले पड़ने के कारण मिर्च की फसल चौपट हो गई। मिर्च की फसल से फायदे की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन अब कहीं की नहीं रहे। प्रशासन के अफसरों को आंकलन करके मुआवजा दिलाना चाहिए।
भूपेंद्रपाल सिंह, नारखी धौंकल
बेमौसम बारिश के कारण खेतों में खड़ी आलू, मिर्च और सरसों की फसल चौपट हो गई। प्रशासन की किसानों का दर्द समझना होगा। तभी कुछ राहत मिलेगी।
ओम प्रकाश ंसिह नारखी धौंकल
बारिश के कारण खेतों में बोई आलू की फसल तो बर्बाद हुई और मिर्च की फसल को काफी हानि हुई है। दिसंबर में तो बारिश एवं ओले पड़ने की उम्मीद नहीं थी।
रहीस पाल सिंह गढ़ी ऐबरन
किसान कोल्ड से करें आलू की निकासी-डीएचओ
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने कहा जिन किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से अभी तक आलू निकासी नहीं की है, वे आलू की निकासी शीघ्र कर लें। किसान अपने आलू की निकासी करके बाजार में बिक्री करें अन्यथा उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।