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बारिश से मिर्च की खेती कर रहे परेशान, बीज सड़ा

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रफ़रोजाबाद ! नारखी में मिर्च की पौध के खेत से पानी निकालते किसान - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। बारिश मिर्च उत्पादक किसानों के लिए मुसीबत बन गई। खेतों में पानी भरने के कारण मिर्च की पौध का बीज सड़ गया। इसके कारण नारखी क्षेत्र में मिर्च का उत्पादन क्षेत्रफल 25-30 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
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नारखी में 12 से 13 हजार हेक्टेयर में मिर्च की फसल का उत्पादन होता है। मिर्च उत्पादक किसानों की मानें तो करीब 15 हजार हेक्टेयर मिर्च की फसल की बुवाई होने की संभावना है। बारिश होने से किसान पहले तो खुश हुए लेकिन लगातार बारिश होना मिर्च उत्पादक किसानों के लिए मुसीबत बन गई। क्योंकि किसानों का 30-50 प्रतिशत तक मिर्च का बीज सड़ गया। सवा लाख रुपया प्रति किलोग्राम की दर से बीज लाने के कारण किसानों को आर्थिक हानि हुई है। इसमें शिमला मिर्च का बीज सर्वाधिक है। इसके कारण शिमला मिर्च का उत्पादन क्षेत्र घट जाएगा। मंगलवार को बारिश होने से मिर्च उत्पादक किसानों की और दिक्कत बढ़ी है।
बोले मिर्च उत्पादक किसान,...
-तीस बीघा मिर्च की फसल की बुवाई होने के लिए मिर्च का बीज बोया था लेकिन बीज कम उगने के कारण 18 बीघा मिर्च की फसल की रोपाई हो सकेगी। क्योंकि मिर्च का बीज सड़ गया है।
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प्रदीप कुमार निवासी फतेहपुरा
-साठ बीघा शिमला मिर्च की फसल की बुवाई को मिर्च की पौध लगाई थी लेकिन 50 प्रतिशत तक बीज बर्बाद हो गया है। इसके कारण तीस बीघा मिर्च की रोपाई हो सकेगी। बारिश से काफी हानि हुई है।
गौरव सिंह नारखी धौंखल
-14 बीघा में मिर्च की फसल की बुवाई करने की प्लानिंग की थी लेकिन बमुश्किल छह बीघा फसल में मिर्च की बुवाई कर सकेंगे। क्योंकि पौध मिलना मुश्किल हो जाएगा। महंगा बीज होने के कारण कोई अतिरिक्त पौध नहीं बोता है।
रामगोपाल सिंह गढ़ी एबरन
-दस बीघा मिर्च की फसल की बुवाई के लिए पौध बोई थी लेकिन पौध बारिश के कारण काफी कम उगी है। इसके कारण काफी कम मिर्च उत्पादन होने की उम्मीद है। पूरा नारखी क्षेत्र प्रभावित होगा।
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अमित सिंह निवासी जैतपुर
मिर्च उत्पादन से जुड़े प्रमुख बिंदु......
15 हजार हेक्टेयर में बोई जाती है मिर्च की फसल।
चार हजार हेक्टेयर कम क्षेत्र में बोए जाने की है संभावना।
सवा लाख रुपया किलो बीज होने के कारण आसानी से नहीं मिलती पौध।
शिमला मिर्च से कम उत्पादन होने से बाजार में रहेंगी महंगाई।
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