शनिवार भोर के साथ बारिश और बदलते मौसम ने अन्नदाता की धड़कनें बढ़ा दीं। दिन की शुरुआत में काली घटाओं से किसान परेशान हो उठे। उनके चेहरों पर चिंता की लकीरें थी तो बर्बादी का डर भी। वजह साफ है मेहनत की कमाई खुले आसमान के नीचे खड़ी है। पिछले वर्ष इन्हीं दिनों की बारिश ने किसानों की फसलों को चौपट कर दिया था। गेहूं के साथ आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। बारिश यदि अधिक हुई तो आलू की खोदाई का काम प्रभावित हो जाएगा।
मौसम पिछले कई दिनों से करवट बदल रहा था। शनिवार तड़के आसमान में काली घटाओं के घिरने के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम का मिजाज बदलते ही किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगीं। अन्नदाता को चिंता थी कि पिछले वर्ष एक मार्च के बाद मौसम ने रुख अचानक बदला था और रुक-रुककर हुई बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो गई थी। प्रशासन गत वर्ष की फसलों की बर्बादी के मुआवजा की राशि अभी तक अन्नदाता को नहीं बांट सका है। इधर, कृषि वैज्ञानिक डा. सुभाषचंद्र शर्मा ने कहा कि हल्की बारिश से कोई हानि नहीं होगी लेकिन ज्यादा बारिश होने पर आलू की फसल की खोदाई का काम प्रभावित हो सकता है। आलू की फसल खुलने पर हरापन आ जाएगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी यदि आलू की बेल सूख चुकी है तो वह खोदाई का काम शुरू कर दें। सरसों एवं तोरिया के खाली खेतों के लिए बारिश काफी लाभदायक होगी। वह तो जायद की फसलों की बुवाई कर सकेंगे।
बारिश से शहरी क्षेत्र में बढ़ी फिसलन
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। बारिश के कारण शहरी क्षेत्र में फिसलन बढ़ गई। सुबह से बूंदाबांदी का क्रम चला। इसके कारण हर कोई बारिश से बचाव का इंतजाम करता नजर आया। सुबह एवं शाम की पाली में परीक्षा के लिए जाने वाले छात्र-छात्राएं भी छाता आदि का इंतजाम कर घरों से निकले।
-------------------------
फसल का नाम क्षेत्रफल
गेहूं 98224 हेक्टेयर
जौं 7900 हेक्टेयर
चना 385 हेक्टेयर
मटर 352 हेक्टेयर
आलू 65000 हेक्टेयर
नोट-राई,सरसों,तोरिया की फसल अधिकांश कटकर खेतों में पड़ी है या फिर कटाई शुरू हो गई।
-----------------------------
हल्की बारिश होने के कारण फसलों को अभी तक कोई हानि नहीं है। लेकिन यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई तो फिर फसलों को काफी नुकसान होगा। गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभदायक है।
अखिलेश पांडेय
जिला कृषि अधिकारी फीरोजाबाद।
अन्नदाता बोले अब तो रहम करो इंद्रदेव
- मेरी तो आलू की फसल खुले आसमान के नीचे खड़ी है। बारिश अधिक हो गई तो आलू की फसल पर प्रभाव पड़ेगा। बदले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है।
दिलीप सिंह, आलू उत्पादक किसान
- पिछले वर्ष तो मेरी गेहूं के साथ आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। बदले मौसम ने परेशान कर दिया। इंद्रदेव से यही प्रार्थना की अब तो रहम करो। बारिश होने पर आलू उत्पादकों के साथ कोल्ड स्टोरेज वाले प्रभावित होंगे।
गोपाल सिंह आलू उत्पादक किसान