नगर निगम में ठेके पर तैनात कर्मचारियों ने दो माह से मानदेय ने मिलने पर शनिवार को कामबंद हड़ताल कर दी। आक्रोशित कर्मचारियों ने वर्कशॉप से कोई वाहन भी नहीं निकलने दिया। हड़ताल के चलते वर्कशॉप में काफी देर तक गहमागहमी रही।
नगर निगम में ठेके पर करीब 500 कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को फरवरी-मार्च माह से अभी तक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। ठेकेदार द्वारा पीएफ की धनराशि भी कर्मचारियों के मानदेय से काटी जा रही है। वहीं खाते खुलवाने के नाम पर भी ठेकेदार द्वारा 200-200 रुपये वसूल लिए गए। इन समस्याओं को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश था। कई बार शिकायत के बाद भी मानदेय नहीं मिलने पर शनिवार को ठेका कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल का ऐलान कर दिया। शनिवार सुबह आठ बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्कशॉप में एकत्रित हो गए, जहां उन्होंने सभी वाहनों को वर्कशॉप से बाहर नहीं जाने दिया। आक्रोशित कर्मचारी वर्कशॉप में बड़ी देर तक हंगामा और नारेबाजी करते रहे। हड़ताल की सूचना पर पहुंचे उपायुक्त प्रमोद कुमार ने आक्रोशित कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि शाम तक वार्ता कर समस्या का हरसंभव निदान कर दिया जाएगा। कर्मचारी इसी शर्त पर कार्य पर लौटे कि आज शाम तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो रविवार से पुन: कामबंद हड़ताल होगी।