टूंडला। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में टूंडला रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस की चपेट में आने से रायबरेली के होनहार युवक की मौत हो गई। वह अपने पिता की आर्थिक मदद करने और बहनों की अच्छी परवरिश के लिए नौकरी करने निकला था, लेकिन रास्ते में ही काल ने उसे निगल लिया।
रायबरेली के गांव अंगुरोहा (हरचंदपुर) निवासी सौरभ कुशवाहा बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। उसके पिता तेज बहादुर कुशवाहा रायबरेली के सिविल लाइन चौराहा थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। सौरभ का सपना देश की सेवा के लिए अग्निवीर बनना था और वह इसकी तैयारी भी कर रहा था। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति देख उसने पिता का बोझ हल्का करने का फैसला लिया। शुक्रवार को वह अपने दोस्त अभिषेक के साथ गुजरात में प्राइवेट नौकरी करने के लिए साबरमती एक्सप्रेस से निकला था।
मृतक के पिता तेजवीर ने बिलखते हुए बताया कि सौरभ प्रतिदिन की तरह बैग लेकर कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसने किसी को कुछ नहीं बताया क्योंकि उसे डर था कि उसे पढ़ाई छोड़कर नौकरी पर नहीं जाने देंगे। वह केवल अपनी मां को बताकर निकला था कि वह काम करने जा रहा है। नहीं पता था कि उनके पैर छूकर निकला बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा।
हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन टूंडला स्टेशन पर रुकी थी। सौरभ पानी लेने के लिए प्लेटफार्म पर उतरा था, तभी ट्रेन चलने लगी। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में उसका पैर फिसल गया और वह सीधे पटरी के नीचे आ गया। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है।