फिरोजाबाद। स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से निजी चिकित्सीय सेवाएं चालू हो गईं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना मरीज सामने आने पर शहर के कई प्रमुख चिकित्सक होम क्वारंटीन हो गए हैं। शहर में 12 प्रमुख चिकित्सक होम क्वारंटीन पर हैं। इस कारण एक बार फिर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। ऐसे में निजी चिकित्सक सिर्फ मरीजों को फोन पर सलाह दे रहे हैं। निजी चिकित्सकों द्वारा मरीजों को नहीं देखने के कारण ऑपरेशन एवं अन्य इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हैं।
जिले में उपचार के अभाव में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग ने निजी चिकित्सकों से सेवाएं चालू कराने के लिए कहा। काफी मशक्कत के बाद जिले में निजी चिकित्सकों ने सेवाएं देना शुरू किया लेकिन अब निजी चिकित्सालयों में उपचार कराने पहुंचने वाले मरीज भी कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। अब तक शहर के प्रमुख चार अस्पतालों के संपर्क में आए मरीज कोरोना पॉजिटिव निकले। ऐसे में शहर की पांच प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञ होम क्वारंटीन हो गई हैं। इस कारण चिकित्सकों की हिस्ट्री कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने की है। वहीं फिजिशियन, पैथोलॉजी संचालक, सर्जन और एनीस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक भी होम क्वरंटीन हो गए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं की जांच और ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं।
सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक भी ड्यूटी से बच रहे
सरकारी अस्पतालों में तैनात कुछ चिकित्सक भी ड्यूटी पर आने से कतरा रहे हैं। इस पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या के प्रार्थना पत्र पर सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट ने दो महिला चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सीएमओ ने संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टूंडला की एक-एक महिला चिकित्सक को नोटिस जारी किया है।