फिरोजाबाद। प्रधानी का चुनाव लड़ने के लिए आखिरकार पूर्व प्रधानों ने अपनी बकाया धनराशि जमा करा दी। जिले में करीब 16 पूर्व प्रधानों ने पंचायतीराज विभाग को धनराशि जमा कराई है। धनराशि जमा कराने के बाद पंचायतीराज विभाग ने भी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया था, जिस व्यक्ति पर ग्राम पंचायत की धनराशि बकाया होगी उसे प्रधान, जिला पंचायत, बीडीसी सदस्य पद के नामांकन करने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। आयोग का यह फैसला पंचायतीराज विभाग के लिए लाभकारी साबित हुआ। हालात यह है कि जो ग्राम प्रधान वर्षों से पंचायतीराज विभाग की धनराशि को जमा नहीं करा रहे थे वह खुद ही पंचायत सचिवों और डीपीआरओ कार्यालय में खाता नंबर खोजते दिख रहे हैं।
डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि ऐसे पूर्व प्रधानों में वर्ष 2017-18 के बाकीदार ग्राम प्रधान उस्मानपुर मीरा देवी ने पांच हजार, बरकतपुर के राजपाल सिंह ने 25500 रुपये, मटसेना के विक्रम सिंह ने 13500 रुपये, फुलायची के अतुल प्रताप सिंह ने 2500 तथा नसीरपुर की ग्राम प्रधान शारदा देवी ने पांच हजार रुपये जमा कराए हैं। पलिया दोयम में एक लाख 68 हजार रुपये, चमरौली 39930 रुपये, आलमपुर कनैटा ने एक लाख 56 हजार 577 रुपये, गुदाऊं में पांच हजार, पिल्ख्तर फतेह में 25600, मचन 16 हजार, फक्करपुर पांच हजार, सेंगई में वर्ष 2014-15 के रेशमपाल ने चार लाख 39179 रुपये, कमरपुर बैजुआ के प्रेमराज ने 21 हजार 200 की धनराशि जमा कराई है।
छह पंचायतों ने लेखा परीक्षाधिकारी ने दी एनओसी
पंचायतीराज विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायतों की ऑडिट करने वाले जिला लेखा परीक्षाधिकारी की ओर से जिले की छह पंचायतों को अनापत्ति जारी की है। इसमें ब्लॉक एका की 2017-18 में जहांनपुर,गदनपुर, पतारा,नारखी की गढ़ी सिधारी, सिकंदरपुर कोटला तथा फिरोजाबाद ब्लॉक की लुहारी सलेमपुर ग्राम पंचायत शामिल है।