नमक प्याज की महंगाई के बाद गरीबों की थाली से दाल भी दूर होती जा रही है। विगत दिनों से लगातार दाल के दाम में बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसे में आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। अरहर की दाल 190 से 200 का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो अब तक का सबसे महंगा दाम है। दाल की आसमान छूती कीमतों से दाल के थोक व्यापारी भी निराश है। सुहागनगरी में कीमतों के बढ़ने से व्यापारियों को भी नुकसान का हो रहा है।
थोक रेट में आई कमी का नहीं असर
पिछले काफी दिनों से दाल की मांग की अपेक्षा सप्लाई कम होने से थोक रेट बढ़ रहा है। इसका असर बिक्री रेट पर भी दिर्खाइ दिया है। सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दाल के थोक रेट में कुछ कमी आई है लेकिन कमी के बावजूद भी इसके बिक्री रेट पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। इसका एक कारण कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बताया जा रहा है। थोक रेट की बात करें तो पिछले दिनों दाल का थोक रेट 19,500 रुपये प्रति क्विंटल तक था लेकिन एक-दो दिनों में कुछ गिरावट आई है। वर्तमान में दाल का थोक रेट 18,000 से 18,500 रुपये क्विंटल पर आ गया है। इसके बावजूद फुटकर रेट पर इसका असर नहीं है।
सोशल मीडिया पर छाया दाल का मुद्दा
दाल की बढ़ती कीमतें सोशल मीडिया पर मुद्दा बन गई हैं। लोग दाल की कीमतों और महंगाई को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार को घेर रहे है कई तो व्यंग्य की तरह संदेश और पिक्चर भेज रहे हैं।
दाल की बढ़ती कीमतों का कारण
व्यापारियों का कहना है कि दाल की बढ़ती कीमतों की सबसे बड़ी वजह दाल की मांग की अपेक्षा आपूर्ति कम होना है। इससे बाजार में दाल कम पड़ जाती है और लोग इसे अधिक दामों में बेचते है। इसके अतिरिक्त बाजार पर ट्रकों की हड़ताल, मौसम की मार और त्योहारों का भी असर पड़ता है।
जनवरी से दाल की कीमतों में आएगी कमी
व्यापारियों का कहना है की दाल की कीमतों में जनवरी से कमी आएगी। जनवरी में नई फसल का माल बाजारों में आने लगता है। इससे दाल की आपूर्ति बढ़ जाती है। इससे दाम कम हो जाते हैं।
चीनी का स्वाद भी हुआ कसैला
दीपावली पर मिष्ठान की घर-घर मांग होगी। हर कोई उम्मीद लगाए बैठा है कि चीनी सस्ती होने के कारण इस बार दीपावली की मिठास अधिक होगी लेकिन दीपावली के करीब आते ही चीनी के भाव बढ़ गए। एक सप्ताह पूर्व चीनी की कीमत 22 से 24 रुपये तक थी, जो अब 30 रुपये हो गई है।
सरसों का तेल, गोला भी महंगा
त्योहार करीब आने के साथ बाजार में नारियल के गोलों की कीमतें अचानक उछाल मार रहीं हैं। 165 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला गोले की दरें भी 220 तक पहुंच गई। वहीं सरसों का तेल सौ रुपया के लेकर 110 रुपया तक मिल रहा है। रिफाइंड के साथ ही अन्य मसालों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है।
सब्जियों के राजा की बढ़ी मांग
महंगी होती दाल के कारण सब्जियों के राजा आलू की मांग बाजार में बढ़ गई। इसके कारण आलू की फिंकने की जो आशंका थी वह काफी कम हो गई है। बाजार में मांग बढ़ने तथा बीज के लिए आलू की निकासी होते ही कोल्डस्टोरेजों में रखा आलू खपने की उम्मीद है।
एक महीनें में दाल की बढ़ी कीमतें
3 अक्तूबर
अरहर की दाल 150, हरी उड़द की दाल 135, धुली उड़द 125, चना 66, मूंग 110 रुपये प्रति किलो
11 अक्तूबर
अरहर की दाल 180, हरी उड़द की दाल 150, धुली उड़द 160, चना 75, मूंग 120 रुपये प्रति किलो
17 अक्तूबर को
अरहर की दाल 200, हरी उड़द की दाल150,धुली उड़द 170, चना 80,मूंग130 रुपये प्रति किलो।