ढाई माह पूर्व अपहृत प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र (45) की एक सप्ताह बाद ही बदमाशों ने हत्या कर दी थी और शव को हजारा नहर में फेंक दिया। हिरासत में लिए पांच अपहरणकर्ताओं से हुई पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस प्रापर्टी डीलर के शव की हजारा नहर में तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस को थाना एका क्षेत्र में बदमाशों की लोकेशन मिल गई थी, लेकिन ने उनपर हाथ नहीं डाला। तीन दिन पूर्व मानिक चंद्र की पत्नी ने गुरुवार से थाने पर अनशन करने की चेतावनी दी थी, इसके बाद फजीहत से बचने के लिए पुलिस हरकत में आई और बदमाशों को दबोचा लिया।
गत 13 अक्तूबर को टूंडला के गांव नगला कुम्हारान निवासी प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र 45 पुत्र रामचरन का स्कार्पियो सवार कुछ बदमाश प्लाट दिखाने के बहाने अपहरण कर ले गए थे। 16 अक्तूबर को परिवारीजनों ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। अपहरणकर्ता आठ लाख रुपये की मांग कर रहे थे। परिवारीजन अपहरणकर्ताओं द्वारा बताए गए स्थान पर रुपये भी लेकर गए लेकिन बदमाश वहां नहीं आए। बाद में इस मामले में पुलिस भी चुप बैठ गई थी। मानिकचंद्र के परिवार के लोगों ने सीओ से लेकर एसपी और डीएम तक से गुहार लगाई, अधिकारियों को साक्ष्य दिए थे। गुरुवार से उनकी पत्नी और परिवारीजन थाने पर अनशन शुरू करने वाले थे, इससे पहले ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। हिरासत में लिए गए बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने प्रापर्टी डीलर का मोबाइल, सिमकार्ड और वैशाखी बरामद कर ली है। शव की तलाश की जा रही है।
- प्रापर्टी डीलर के अपहरण के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। प्रशांत कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी, टूंडला