अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान बुलडोजर के सामने बैठीं महिलाएं व बच्चे।
- फोटो : अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान बुलडोजर के सामने बैठीं महिलाएं व बच्चे।
शिकोहाबाद। खाली जमीन पर मकान बनाकर अवैध तरीके से रह रहे सैकड़ों लोगों का बृहस्पतिवार को आशियाना उजड़ने से बच गया। न्यायालय के आदेश पर जमीन को खाली कराने गई थाना पुलिस को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। महिलाएं एवं बच्चे बुलडोजर के सामने बैठ गए। पुलिस ने न्यायालय अमीन से बातचीत कर 25 जनवरी तक मकानों को खाली करने का समय गिहार कॉलोनी के लोगों को दिया है।
तहसील तिराहे के साथ स्थित गिहार कॉलोनी में लगभग ढाई बीघा जमीन है। जहां गिहार कॉलोनी के लोगों ने अपने आशियाने बना लिए हैं। इस जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए यशपाल सिंह ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय के आदेशों के बाद न्यायालय अमीन रामप्रवेश यादव ने थाना शिकोहाबाद पुलिस को आदेश की प्रति सौंपी थी। बृहस्पतिवार को इस जमीन को खाली कराने के लिए दोपहर एक बजे शिकोहाबाद, खैरगढ़ एवं मक्खनपुर थाने का फोर्स तहसील तिराहे पर आ पहुंचा। काफी संख्या में पुलिस फोर्स गिहार कॉलोनी में अंदर पहुंच गया।
इंस्पेक्टर शिकोहाबाद प्रदीप कुमार ने गिहार कॉलोनी में रह रहे लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से मकानों को खाली करने के लिए कहा। पुलिस का आदेश सुनने के बाद वहां रह रहीं महिलाएं, बच्चे सभी आक्रोशित हो गए। वह हंगामा करने लगे। पुलिस एवं महिलाओं के बीच काफी देर तक बहस हुई। कुछ महिलाएं गुस्से में आकर अपने बच्चों के साथ मकान तुड़वाने के लिए लाए गए बुलडोजर के आगे ही बैठ गईं। लगभग दो घंटे तक चली बहस के बाद पुलिस ने न्यायालय अमीन से बातचीत करने के बाद गिहार कॉलोनी के लोगों को जमीन खाली करने के लिए 25 जनवरी तक का समय दिया है। इसके बाद बुलडोजर वापस लौट गया।
लगभग 150 वर्ष पहले से यहां हम लोग रह रहे हैं। हमारी तीन पीढ़ियां यहां गुजर गईं। हमारे पास अब रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है। ऐसे में हम अपने मकानों को खाली करके कहां जाएं।
तान्या कुमारी
हम लोग बहुत गरीब हैं। मेरी पढ़ाई लिखाई भी विद्यालय प्रबंधिका के आदेश पर निशुल्क चल रही है। अब मेरी इंटरमीडिएट की परीक्षाएं भी आने वाली हैं। अगर हम अपने मकानों को छोड़कर चले जाएंगे तो मेरा पूरा कॅरिअर बर्बाद हो जाएगा।
रिया कुमारी