फोटो 22 पीएलवी के प्रशिक्षण शिविर में मौजूद जिला जज रूपेश रंजन, जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रि
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को चार जिलों के पैरालीगल वॉलिंटियर (पीएलवी) को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें जिला जज रूपेश रंजन ने कहा कि पैरालीगल वॉलिंटियर न्याय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है। उनकी जिम्मेदारी है कि समाज के जरूरतमंदों को न्याय दिलाने की पहल करें। प्रशिक्षण में दी गई जानकारी का अपने कार्य में उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की धारणा है कि न्याय हर निर्धन को मिले। इसी को सार्थक करने के लिए न्याय चला निर्धन से मिलने अभियान चलाया गया है। प्रयास किया गया है कि न्याय पाने से कोई भी वंचित न रहे। पीएलवी अपनी जिम्मेदारी समझे और प्राधिकरण के निर्देशों के तहत काम करें।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा की न्याय सस्ता और सुलभ हो यह धारणा न्यायपालिका और शासन की है। इसी के तहत पीएलवी प्रशिक्षण में दी गई जानकारी के तहत काम करें। इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव विमलेश सरोज, अपर जिला जज कमल सिंह, अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनंद, सिविल जज अंशिका लाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम ने भी पीएलवी को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में मैनपुरी, एटा, इटावा और फर्रुखाबाद के 124 पीएलवी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।