फिरोजाबाद। जुलाई माह में प्रस्तावित वृहद पौधरोपण अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन मनरेगा श्रमिकों को बड़े स्तर पर रोजगार देने की तैयारी में है। ग्राम विकास विभाग ने जिले के सभी नौ ब्लॉकों में पौधरोपण के लिए चिन्हित स्थलों पर मनरेगा श्रमिकों के जरिए करीब 11 लाख गड्ढों की खुदाई कराने का निर्णय लिया है।
जिले में इस वर्ष कुल 48 लाख 50 हजार पौधरोपण का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अकेले ग्राम विकास विभाग को 14 लाख पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस अभियान के तहत जिले के लगभग 22 हजार पंजीकृत मनरेगा श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मनरेगा सेल ने सभी नौ ब्लॉकों से गड्ढा खुदाई के लिए चिन्हित स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। परियोजना अधिकारी सुभाष चंद त्रिपाठी ने बताया कि पौधरोपण कार्य में स्थानीय श्रमिकों को वरीयता दी जाएगी, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
हरियाली के लिए छोटे नहीं, अब लगेंगे बड़े पौधे
फिरोजाबाद। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान के लिए डीएम रमेश रंजन ने कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को बैठक की। जिला पर्यावरण, वृक्षारोपण एवं गंगा समिति की बैठक में डीएम ने वन व अन्य विभागों को स्पष्ट किया कि अब पौधरोपण केवल कागजों या रस्म अदायगी तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में अब तक 425 ग्रीन चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। डीएम ने कहा, इन चौपालों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाया जाए। डीएम ने सड़क और नहरों के किनारे पौधों को मवेशियों से बचाने के लिए ट्री गार्ड का उपयोग करने को कहा गया है। ऊसर और बीहड़ भूमि पर पौधरोपण के लिए मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर ही प्रजातियों का चयन करने की हिदायत दी गई। इस दौरान सीडीओ शत्रोहन वैश्य, प्रभागीय वनाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अब पौधरोपण के दौरान छोटे पौधों के बजाय बड़े पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनके जीवित रहने की दर को बढ़ाया जा सके। संवाद